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कोड ऑफ कंडक्ट खत्म होते ही बढ़ेगी झारखंड में विकास की रफ्तार

Ranchi : कोड ऑफ कंडक्ट समाप्त होते ही झारखंड में विकास की रफ्तार तेज होगी. वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए बनाई गई योजनाओं को धरातल पर उतारा जाएगा. इसके लिए कैबिनेट सचिव वंदना दादेल ने सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव और सचिवों को पत्र लिखा है. पत्र में कहा गया है कि लोकसभा चुनाव के बाद विधानसभा चुनाव के लिए आचार संहिता लगनी है. ऐसे में सभी विभाग वैसी नई योजना की पूरी तैयारी कर रखें, जिसकी आचार संहिता से पहले स्वीकृति मिल सके. योजना की स्वीकृति के बाद टेंडर की प्रक्रिया भी पूरी हो जाए. जनोपयोगी एवं लोकहित संबंधित योजनाओं को आगामी छह माह के अंदर पूर्ण कर लिए जाने का लक्ष्य है. इसके लिए प्राथमिकता के साथ एक ठोस कार्ययोजना तैयार कर काम करें. इसे भी पढ़ें - गौतम">https://lagatar.in/gautam-adani-crowned-asias-richest-man-bernard-arnault-number-one-in-the-world/">गौतम

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वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए तैयार की गई हैं 216 योजनाएं

वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए लगभग 216 योजनाएं तैयार की गई हैं. इन योजनाओं में से 80 योजनाओं के आधार पर बाल बजट भी तैयार किया गया है. इसके लिए सरकार की ओर से करीब 8866.69 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान है. साथ ही किसानों की ऋण माफी, गरीबों को घर बनाने के लिए अबुआ आवास योजना के तहत लाभ और गरीबों की थाली में दाल-भात के साथ सब्जी देने की भी योजना शामिल है.

इन योजनाओं पर होगा काम

अबुआ आवास योजनाः केंद्र सरकार के प्रधानमंत्री आवास योजना की तर्ज पर झारखंड के गरीब परिवारों को घर मुहैया कराने के लिए सरकार की ओर से अबुआ आवास योजना के तहत आवास ऋण की रकम को 2 लाख रुपये से बढ़ाकर 3.50 लाख रुपये कर दिया गया है. इसके लिए सरकार की ओर से करीब 4,831.83 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. अबुआ आवास के लिए वित्त वर्ष 2024-25 से लेकर 2027-28 के दौरान हरेक साल करीब 4.5 लाख परिवारों को आवास मुहैया कराए जाएंगे और 2027-28 तक करीब 20 लाख परिवारों को आवास उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. अंडरग्राउंड पाइपलाइनः पलामू जिले में अंडरग्राउंड पाइपलाइन के माध्यम से विभिन्न जलाशयों और जल निकायों में पेयजल और सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराने के लिए 456.63 करोड़ रुपये खर्च करने की योजना बनाई गई है. इससे पलामू के चैनपुर, मेदिनीनगर, सतबरवा, विश्रामपुर, छत्तरपुर, हुसैनाबाद और मोम्मदगंज के निवासियों और किसानों को लाभ मिलेगा. सिंचाई परियोजनाः सरकार ने वित्त वर्ष 2024-25 के बजट में किसानों की फसलों की सिंचाई के लिए पीरटांड मेगा लिफ्ट सिंचाई परियोजना के क्रियान्वयन की योजना है. इसके तहत बराकर नदी पर वीयर का निर्माण कराने के बाद अंडरग्राउंड पाइपलाइन के जरिए पीरटांड प्रखंड के अलावा पूर्वी सिंहभूम के पटमदा आदि क्षेत्रों में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी. आंगनबाड़ी केंद्र के भवन का निर्माणः वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान राज्यभर में करीब 2,500 आंगनबाड़ी केंद्रों पर नए भवन का निर्माण कराएगी. झारखंड में फिलहाल करीब 38,432 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित किए जा रहे हैं. इसके साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए टेबल-कुर्सी की खरीद के लिए सरकार करीब 280.17 करोड़ रुपये खर्च करेगी. ब्लॉक लेवल लीडर स्कूलः झारखंड की प्राथमिक-माध्यमिक शिक्षा में सुधार के लिए प्रखंडस्तरीय लीडर स्कूल का निर्माण कराया जाएगा. वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान सरकार पूरे झारखंड में करीब 325 प्रखंडस्तरीय लीडर स्कूलों और करीब 4,036 पंचायत स्तरीय आदर्श विद्यालयों का निर्माण कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है. स्टेट टेक्नोलॉजी पार्कः सरकार आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस, क्लाउड कम्यूटिंग, एआर-वीआर और बाजार की मांग वाली सेवाओं में रिटेल, हॉस्पिटालिटी, वित्तीय सेवाओं के लिए स्पेशल परपस व्हीकल के माध्यम से बीआईटी सिंदरी में स्टेट टेक्नोलॉजी पार्क की स्थापना की जाएगी. 19 नए कॉलेज का निर्माणः वित्त वर्ष 2024-25 के सालाना बजट में 19 नए कॉलेज खोलने की योजना बनाई गई है. इसमें 14 डिग्री कॉलेज और 4 महिला महाविद्यालय शामिल हैं. रांची में इनर रिंग रोडः वर्ष 2024-25 में नए रोड का निर्माण, उसका नेटवर्क बढ़ाने और कोर रोड नेटवर्क कनेक्टिविटी विकसित करने की योजना है. ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट और इम्पॉर्टेंट कॉरिडोर के निर्माण के साथ ही रांची में इनर रिंग रोड का निर्माण कराया जाएगा. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजनाः प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत वित्त वर्ष 2024-25 में करीब 2500 किलोमीटर रोड और करीब 200 पुलों का निर्माण कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया. टेरिटरी हेल्थ केयरः टेरिटरी हेल्थ केयर को मजबूत बनाने के लिए आने वाले सालों में राजधानी रांची में एक मेडिकल कॉलेज की स्थापना करेगी. इसके साथ ही, पहले से संचालित रिम्स को सुदृढ़ीकरण और रिनपास के कैंपस में उपलब्ध जमीन पर एक मेडिको सिटी की स्थापना की जाएगी. जलापूर्ति योजनाः अमृत 2.0 मिशन के तहत झारखंड में करीब आठ जलापूर्ति योजना की शुरुआत की जाएगी. इनमें कपाली, जामताड़ा, गुमला, बरहरवा, हरिहरगंत, छत्तरपुर, श्रीवंशीधर नगर, और लोहरदगा में जलापूर्ति योजना के तहत निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा. इसे भी पढ़ें -  कर्नाटक">https://lagatar.in/karnataka-deputy-cms-allegation-animal-sacrifice-was-made-in-rajarajeshwar-temple-by-targeting-us-kerala-government-denied/">कर्नाटक

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