Chulbul Ranchi: जिले में धान खरीद का काम 1 दिसंबर 2019 से जारी है. सरकारी आंकडों के अनुसार रांची जिले में 9489 किसान रजिस्टर्ड हैं. इनमें से 6081 बार किसानों को धान खरीद के लिए SMS भेजा जा चुका है. लेकिन हकीकत यह है कि जिले में बड़ी संख्या में किसानों को अब तक एसएमएस भेजा ही नहीं गया. यही नहीं, जो किसान धान लेकर क्रय केंद्रों पर पहुंच रहे हैं, उन्हें भी कई जगहों से वापस लौटा दिया जा रहा है. कारण यह बताया जा रहा है कि गोदामों में धान रखने की जगह ही नहीं है. इस संबंध में हमने सरकार की ई उपार्जन वेबसाइट पर मौजूद जानकारी और कुछ किसानों से बात कर सरकारी दावों की हकीकत जानने की कोशिश की, तो पता चला कि रांची जिले में 9489 रजिस्टर्ड किसानों में आधे को भी नहीं मिला है एसएमएस.
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हेमंत सरकार में जनवितरण प्रणाली व्यवस्था हुई ध्वस्त: नवीन जायसवाल दूसरा सिस्टम यूनिक एसएमएस सिस्टम है. जिसके पास एसएमएस नहीं गया है. वे अपना धान लेकर केंद्र पहुंच सकते हैं. वहां वे अपना मोबाइल नंबर देकर तुरंत रजिस्ट्रेशन करा कर एसएमएस भिजवा सकते हैं. और उसी दिन या दूसरे दिन भी अपना धान बेच सकते हैं.”
SMS का खेल- कुछ किसानों को 3-4 बार और कुछ को भेजा ही नहीं
खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपाभोक्ता मामले विभाग की वेबसाइट ई-उपार्जन में हमने अनगड़ा, रातू, ओरमांझी और बेड़ो प्रखंड के एक-एक गांव को चुना. अनगड़ा का बरवादाग गांव, रातू का तिगरा गांव, ओरमांझी का बरवे और डहू, बंडू प्रखंड की कांची पंचायत का अलना गांव और बेड़ो प्रखंड का हुटरी गांव. साइट से जानकारी मिली कि अनगड़ा और रातू में किसानों को एसएमएस भेजा गया है. एक ही किसान को दो से तीन बार एसएमएस भेजे जाने की जानकारी मिली. दूसरी तरफ ओरमांझी के बरवे और डहू, बेड़ो के हुटरी, बुंडू के अलना गांव में एक भी किसान को एसएसएम नहीं भेजा गया है. इससे रांची जिले की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है. इसे भी पढ़ें- किसान">https://lagatar.in/resignation-of-dushyant-dave-chairman-of-supreme-court-bar-association-who-is-advocating-kisan-andolan-case/17862/">किसानआंदोलन केस की पैरवी कर रहे सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन केअध्यक्ष दुष्यंत दवे का पद से इस्तीफा
बिचौलियों के हाथों धान बेचने को मजबूर हैं किसान
धान खरीद शुरू हुए ड़ेढ महीने बीत गये हैं. अब तब खरीद की प्रक्रिया का कोई ठोस प्रबंधन नहीं होने के कारण बड़ी संख्या में जिले के कई किसान अपना धान बेचने के लिए परेशान हैं. कुछ किसान एसएमएस का इंतजार करते-करते बिचौलियों को धान बेचने पर मजबूर हो गये. किसानों की शिकायत है कि उन्हें धान खरीद केंद्र से कोई एसएमएस आ ही नहीं रहा. कई बार घर में पैसों की जरुरत होती है या फसल के लिए जिनसे कर्ज लिया था, उनका दबाव बढ रहा है. ऐसे में हमें बिचौलियों को कम दाम में ही धान बेचना पड़ा.रांची के DSO मो शब्बीर अहमद ने इसपर क्या कहा
“किसानों को एसएमएस जा रहा है. जिन किसानों को नहीं भी गया है, तो कोई दिक्कत नहीं है. वे फिर भी वो अपना धान सरकारी केंद्र पर बेच सकते हैं. एसएमएस भेजने के दो सिस्टम है. पहला जहां वे रजिस्टर्ड रहते हैं और उन्हें विभाग ग्रुप में बांटकर स्लॉट बुक करता है. जिस दिन उनका स्लॉट बुक किया गया है, वे उस दिन आकर अपना धान बेच सकते हैं. इसे भी पढ़ें- रांची-">https://lagatar.in/public-distribution-system-failed-in-hemant-government-naveen-jaiswal/17900/">रांची-हेमंत सरकार में जनवितरण प्रणाली व्यवस्था हुई ध्वस्त: नवीन जायसवाल दूसरा सिस्टम यूनिक एसएमएस सिस्टम है. जिसके पास एसएमएस नहीं गया है. वे अपना धान लेकर केंद्र पहुंच सकते हैं. वहां वे अपना मोबाइल नंबर देकर तुरंत रजिस्ट्रेशन करा कर एसएमएस भिजवा सकते हैं. और उसी दिन या दूसरे दिन भी अपना धान बेच सकते हैं.”
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