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बालाकोट में पाक राजनयिक के 300  मौतें स्वीकारने की खबर फेक न्यूज के आधार पर मीडिया ने चलाई

 
NewDelhi : पिछले साल दिसंबर में पाकिस्तानी चैनल हम न्यूज से बात करते हुए पूर्व पाक राजनयिक जफर हिलाली के एक वीडियो क्लिप के आधार पर यह दावा किया गया था कि जफर हिलाली ने 2019 बालाकोट एयरस्ट्राइक में 300 मौतों को स्वीकार किया है. समाचार एजेंसी एएनआई सहित मुख्यधारा के कई मीडिया चैनलों  का यह दावा झूठा करार दिया गया है. बूम की रिपोर्ट के अनुसार,  एएनआई ने अपने एक आर्टिकल में लिखा,  पूर्व पाक राजनयिक जफर हिलाली ने स्वीकार किया है कि 26 फरवरी 2019 को भारत द्वारा बालाकोट में एयरस्ट्राइक किये जाने से 300 मौतें हुई थीं. इसे भी पढ़ें : नये">https://lagatar.in/the-supreme-court-stayed-the-new-agricultural-laws-till-the-next-order-the-formation-of-a-four-member-committee/17193/">नये

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अप्रमाणित वीडियो क्लिप  का इस्तेमाल किया गया

बताया गया है कि इस खबर में एक अप्रमाणित वीडियो क्लिप  का इस्तेमाल किया गया, जिसे @DfIlite ट्विटर हैंडल पर अपलोड किया गया था, फुटेज के साथ छेड़छाड़ की बात कही गयी है.  खास बात यह है कि एएनआई की इसी रिपोर्ट को इंडिया टुडे, एनडीटीवी, एबीपी न्यूज, टाइम्स नाऊ, रिपब्लिक, विओन न्यूज, टाइम्स ऑफ इंडिया, लाइव मिंट, द क्विंट, डीएनए, लाइव हिंदुस्तान, हिंदुस्तान टाइम्स, जी न्यूज, स्वराज्य, मनीकंट्रोल, ओडिशा टीवी, जागरण, एनई नाऊ, डेक्कन हेराल्ड, वन इंडिया, न्यूज 18 और नवभारत टाइम्स द्वारा भी चलाया गया. इसे भी पढ़ें :  दल">https://lagatar.in/party-change-case-supreme-court-dismisses-the-petition-of-the-assembly-the-high-court-completes-the-hearing-on-wednesday/17183/">दल

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 वीडियो 23 दिसबंर 2020 को प्रकाशित किया गया था

हम न्यूज चैनल पर उपलब्ध  वीडियो 23 दिसबंर 2020 को प्रकाशित किया गया था. उसमें हिलाली भारत द्वारा 300 लोगों को मारने के मकसद की आलोचना कर रहे थे और दावा किया कि भारत ऐसा कर पाने में असमर्थ रहा.  कहा कि भारत ने एक फुटबॉल मैदान पर बम विस्फोट कर झूठा दावा किया कि उन्होंने स्ट्राइक में 300 पाकिस्तानियों को मार गिराया है. इसके साथ ही हिलाली ने भारत के दावों को स्वीकार करने और अपने क्षेत्र पर भारत की कार्रवाई के जवाब में खराब प्रतिक्रिया देने के लिए पाकिस्तानी सरकार को भी लताड़ा. भारत द्वारा ईजाद किये गये सर्जिकल स्ट्राइक  या एयर स्ट्राइक जैसे शब्दों को पाकिस्तान में इस्तेमाल किये जाने के सवाल पर हिलाली ने कहा, ऐसे शब्दों का हमें बिल्कुल इस्तेमाल नहीं करना चाहिए. इसे भी पढ़ें :  मल्टीनेशनल">https://lagatar.in/vedic-paint-of-khadi-india-will-challenge-multinational-companies-launching-today/17139/">मल्टीनेशनल

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आपने एक फुटबॉल फील्ड में जाकर बम फेंक दिया

सर्जिकल स्ट्राइक यानी कि लिमिटेड टार्गेट. लिमिटेड क्यों? आपका (भारत) मकसद यब था कि एक मदरसा, जहां आपके अनुसार 300 बच्चे पढ़ रहे थे, उधर आकर आपको स्ट्राइक करना था. इसका मतलब आपने 300 लोगों को मारने का इरादा रखा था. वो थे नहीं, वो गलत था, वो हुआ नहीं, तो इसलिए आपने एक फुटबॉल फील्ड में जाकर बम फेंक दिया. भारत ने जो किया वो जंग के लिए हमला था. वेबसाइट बूम की रिपोर्ट के अनुसार इस वीडियो में छेड़छाड़ कर इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीरें जोड़ दी गयी और ऐसा दर्शाया गया कि पूर्व पाकिस्तानी राजनयिक ने भारत के बालाकोट एयरस्ट्राइक में 300 मौत होने की बात स्वीकारी है. जफर हिलाली ने भी अपने ट्विटर पर वास्तविक वीडियो ट्वीट कर स्पष्टीकरण दिया और कहा कि भारत में जो वीडियो प्रसारित किया जा रहा है वो सही नहीं है. हिलाली ने कहा कि उन्होंने बालाकोट को लेकर ऐसी कोई टिप्पणी नहीं की है. ऐसी झूठी खबर चलाने को लेकर  टाइम्स ऑफ इंडिया की आलोचना भी की. मालूम हो कि बीते 14 फरवरी 2019 को जम्मू कश्मीर के पुलवामा ज़िले में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आत्मघाती हमले में 40 जवानों की मौत हो गई थी. इसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया था. इसके बाद 26 फरवरी 2019 को भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान के बालाकोट में एयरस्ट्राइक की थी.  इस एयरस्ट्राइक में सैकड़ों आतंकवादियों की मौत हुई थी,  हालांकि पाकिस्तान ने मौतों को संख्या को सिरे से खारिज किया था
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