समर्थन में 174 वोट पड़े
नेशनल असेंबली में शहबाज शरीफ के समर्थन में 174 वोट पड़े. जबकि, विपक्ष में कोई उम्मीदवार ही नहीं था. इमरान की पार्टी PTI के शाह महमूद कुरैशी ने पहले चुनाव लड़ने का ऐलान किया था, लेकिन सदन की कार्यवाही शुरू होते ही उन्होंने इस्तीफा दे दिया और चुनाव न लड़ने की बात भी कही.डिप्टी स्पीकर का इस्तीफा, अयाज सदिक ने संभाली कार्यवाही
इससे पहले पूर्व विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने इस्तीफे का ऐलान किया. डिप्टी स्पीकर कासिम सूरी ने भी ये कहते हुए इस्तीफा दे दिया कि उनका जमीर उन्हें इसकी इजाजत नहीं देता. कासिम सूरी ने PML-N के नेता अयाज सादिक को आगे के सत्र की अध्यक्षता करने को कहा. इसके बाद अयाज सादिक ने सदन की कार्यवाही संभाला. पीटीआई के सांसदों ने सदन से वॉकआउट कर दिया है. इसे भी पढ़ें - पंचायत">https://lagatar.in/panchayat-elections-ranchi-dc-holds-meeting-instructions-for-action-against-those-who-violate-the-code-of-conduct/">पंचायतचुनावः रांची डीसी ने की बैठक, आचार संहिता उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई के निर्देश
इमरान सरकार गिरने के बाद शहबाज ने क्या कहा था?
अविश्वास प्रस्ताव के जरिए इमरान खान की सरकार गिराने के बाद भी शहबाज ने भारत को लेकर बयान दिया था. कहा था, `हम भारत के साथ शांति चाहते हैं, लेकिन कश्मीर मुद्दे के हल के बिना ये संभव नहीं है.`भारत के बारे में क्या सोचते हैं शहबाज?
शहबाज ने भारत और कश्मीर को लेकर कई बार विवादित बयान दिया है. अप्रैल 2018 में जब पाकिस्तान में चुनाव चल रहे थे, तब शहबाज ने एक रैली में कहा था, `हमारा खून खौल रहा है. कश्मीर को हम पाकिस्तान का हिस्सा बनाकर रहेंगे.`उसी साल सिंगापुर में उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति और उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन की मुलाकात पर प्रतिक्रिया देते हुए भारत का जिक्र किया था. उन्होंने कहा था, `अगर अमेरिका और उत्तर कोरिया परमाणु हमले की कगार से वापस लौट सकते हैं तो ऐसा कोई कारण नहीं है कि भारत और पाकिस्तान ऐसा नहीं कर सकते.`भारत में कुछ कट्टरपंथी पाकिस्तान के साथ अच्छे रिश्ते नहीं चाहते
फरवरी 2014 में शरीफ ने कहा था, `भारत और पाकिस्तान के बीच व्यापार संबंधों के बीच सबसे बड़ा रोड़ा दोनों देशों की सुरक्षा एजेंसियां हैं. जब तक दोनों देशों के बीच आर्थिक सुरक्षा नहीं होगी, तब तक आम सुरक्षा संभव नहीं है.` 2015 में शरीफ ने कहा था कि भारत में कुछ कट्टरपंथी पाकिस्तान के साथ अच्छे रिश्ते नहीं चाहते हैं. तब शरीफ ने आरएसएस का नाम लिया था।. शरीफ ने यह भी आरोप लगाया था कि भारत बलूचिस्तान में अलगाववादियों का समर्थन करता है. तब शरीफ ने यह भी कहा था कि दोनों देशों को ब्लेम गेम बंद करके रिश्ते सुधारने पर काम करना चाहिए. इसे भी पढ़ें - JNU">https://lagatar.in/no-meat-in-jnu-the-real-issue-was-to-disrupt-ram-navami-puja-abvp-accused-the-left/">JNUमें मांस नहीं, रामनवमी पूजा भंग करना था असल मुद्दा, ABVP का लेफ्ट पर आरोप [wpse_comments_template]

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