ANI की रिपोर्ट के अनुसार आंदोलन में शामिल POK एक्टिविस्ट्स ने आरोप लगाया है कि पिछले दो दिनों में सिक्योरिटी की कार्रवाई में 100 से ज्यादा मौतें हुई हैं और कई लोग घायल हुए हैं.
JAAC के अनुसार शुक्रवार को प्रदर्शनकारी शाहजेब हबीब की पाकिस्तानी रेंजर्स ने हत्या कर दी थी. शनिवार को रावलकोट के कंबाइंड मिलिट्री हॉस्पिटल के बाहर उनके जनाजे की नमाज के लिए बड़ी संख्या में लोग जमा हुए थे. इसमें अवामी एक्शन कमेटी के नेता और स्थानीय लोग शामिल थे।.
JAAC ने कहा कि लोग अस्पताल परिसर के बाहर पाकिस्तानी सेना और सरकार के खिलाफ नारे लगा रहे थे. इसी दौरान सुरक्षाबलों ने अचानक फायरिंग करनी शुरू कर दी. रिपोर्ट के अनुसार गोलीबारी में कम से कम 30 लोगों की मौत हो गयी. कुछ स्थानीय लोगों ने दावा किया कि मरने वालों की संख्या 100 से ज्यादा हो सकती है.
JAAC ने आरोप लगाया कि गोलीबारी के बाद अस्पताल परिसर से 100 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया गया. कहा कि ने मारे गये प्रदर्शनकारियों के शवों को भी सुरक्षा बलों ने अपने कब्जे में ले लिया है. गोलीबारी के विरोध में PoK में जम्मू-कश्मीर संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने आज 9 जून को लॉन्ग मार्च बुलाया. JAAC यहां का सबसे बड़े नागरिक अधिकार संगठन है.
JAAC इस क्षेत्र में शासन, सब्सिडी और बुनियादी अधिकारों की मांग को लेकर लंबे समय से संघर्ष है. लेकिन पाकिस्तान की सरकार ने JAAC को आतंकवादी संगठन करार दिया है. इस प्रदर्शन की गूंज यूनाइटेड किंगडम में पाकिस्तानी कॉन्सुलेट तक सुनाई दी है.
ब्रिटेन के ब्रैडफोर्ड में मौजूद पाकिस्तानी कॉन्सुलेट के बाहर लोगों ने प्रदर्शन कर पाक अधिकारियों पर जुल्म ढाने का आरोप लगाया. लंदन में भी पाकिस्तान हाई कमीशन के बाहर PoK प्रोटेस्ट में आम लोगों की हत्या के लिए पाकिस्तानी आर्मी, असीम मुनीर और PoK की कठपुतली सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गयी.
पीओके में हो रही हिंसा को लेकर कम से कम 30 ब्रिटिश सांसदों ने ह्यूमन राइट्स के उल्लंघन में दखल देने के लिए ब्रिटेन सरकार को पत्र लिखा है.पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर में हो रहे विरोध प्रदर्शनों को लेकर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, हम इस मामले में पाकिस्तान की तरफ़ से फेक न्यूज़ और वीडियो का एक पैटर्न देख रहे हैं.
यह पाकिस्तान की अपनी नाकामियों को छिपाने और मानवाधिकारों के उल्लंघन से ध्यान भटकाने की एक हताश कोशिश है. पाकिस्तान के कब्ज़े वाले कश्मीर में पुलिस की बर्बरता की खबरें आ रही हैं, जिसमें कई लोग मारे गये हैं और कई घायल हुए हैं. हमें उम्मीद है कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान को उसके गलत कामों और मानवाधिकारों के उल्लंघन के लिए जवाबदेह ठहरायेगा.
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