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भूकंप के तेज झटके से पाकिस्तान की धरती हिली

 
Islamabad : पाकिस्तान के इस्लामाबाद सहित कई हिस्सों में भूकंप के तेज झटके महसूस किये गये. रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 4.1 मापी गयी. दोपहर 12 बजकर 54 मिनट पर भूकंप आया. भूकंप का केंद्र ताजिकिस्तान में 150 किमी अंदर बताया जा रहा है. भूकंप का प्रभाव रावलपिंडी,ईरान और अफगानिस्तान में भी देखने को मिला है. भूकंप के कारण लोगों के बीच अफरातफरी का माहौल है. प्रशासन लोगों से शांत रहने की अपील कर रहा है. भूकंप से कितना नुकसान हुआ है, इसका पता अभी नहीं चल पाया है. (पढ़ें, आरिफ">https://lagatar.in/arif-mohammad-khan-criticized-the-bbc-documentary-said-he-should-be-called-a-hindu/">आरिफ

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ईरान के खोय की भी हिली थी धरती

बता दें कि ईरान के खोय शहर में भी शनिवार रात को भूंकप के तेज झटके महसूस किये गये थे. रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 5.9 मापी गयी थी. यह 23:44:44 (यूटीसी+05:30) पर आया और खोय में जमीन से 10 किमी अंदर टकराया था. ईरान में आये इस भूकंप से सात लोगों की मौत हो गयी. जबकि 400 से अधिक लोग घायल हो गये. इसे भी पढ़ें : ओडिशा">https://lagatar.in/odisha-health-minister-naba-das-shot-dead-by-asi-condition-critical-admitted/">ओडिशा

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इस वजह से आता है भूकंप 

धरती मुख्य तौर पर चार परतों से बनी हुई है. इनर कोर, आउटर कोर, मैनटल और क्रस्ट. क्रस्ट और ऊपरी मैनटल कोर को लिथोस्फेयर कहा जाता है. ये 50 किलोमीटर की मोटी परत कई वर्गों में बंटी हुई है, जिन्हें टैकटोनिक प्लेट्स कहा जाता है. यानि धरती की ऊपरी सतह 7 टेक्टोनिक प्लेटों से मिलकर बनी है. ये प्लेटें कभी भी स्थिर नहीं होती, ये लगातार हिलती रहती हैं, जब ये प्लेटें एक दूसरे की तरफ बढ़ती है तो इनमें आपस में टकराव होता है. कई बार ये प्लेटें टूट भी जाती हैं. इनके टकराने से बड़ी मात्रा में ऊर्जा निकलती है जिससे इलाके में हलचल होती है. कई बार ये झटके काफी कम तीव्रता के होते हैं, इसलिए ये महसूस भी नहीं होते. जबकि कई बार इतनी ज्यादा तीव्रता के होते हैं, कि धरती फट तक जाती है.

भूकंप आये तो क्या करें

भूकंप आने पर सबसे पहले खुद को शांत रखें और घबराएं नहीं. जल्द आस-पास मौजूद टेबल के नीचे छिप जाएं. झटके खत्म होने तक टेबल के नीचे ही रहें. अगर दरवाजे के आस-पास हैं तो तुरंत निकलकर किसी खुले मैदान या खुली जगह पर चले जाएं. बाहर निकलते समय लिफ्ट का इस्तेमाल न करें और बाहर आने के बाद पेड़, दीवार और खंभों से दूर रहें. भूकंप के दौरान अगर गाड़ी के अंदर हैं तो गाड़ी तुरंत रोक दें. इसे भी पढ़ें : 31">https://lagatar.in/raj-bhavan-garden-will-open-for-common-people-from-january-31/">31

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