आयोग के अध्यक्ष व सदस्य ने मुखियों से किया संवाद
Pakur : हरिणडंगा डायट भवन में 20 सितंबर को राज्य खाद्य आयोग की टीम ने मुखियाओं के साथ संवाद किया. कार्यक्रम का शुभारंभ आयोग के अध्यक्ष हिमांशु शेखर चौधरी, सदस्य शबनम परवीन, एसी मंजू रानी स्वांसी, सीएस डॉ. मंटू टेकरीवाल, डीएसओ संजय दास, डीपीआरओ डॉ. चंदन व डीईओ मुकुल राज ने संयुक्त रूप से दीप जलाकर किया. मौके पर आयोग के अध्यक्ष व सदस्य ने जिले के विभिन्न पंचायतों से आए मुखिया से खाद्यान्न वितरण का जायजा लिया. कार्यक्रम में खाद्य सुरक्षा अधिनियम से जुड़ी जनवितरण योजना, मध्याह्न भोजन योजना, आंगनबाड़ी केंद्र, मातृ वंदना योजना से संबंधित जानकारी दी गई. मौके पर मुखिया को उनकी जिम्मेदारी बताई गई.मुखिया कर सकते हैं खाद्यान्न वितरण की निगरानी
[caption id="attachment_763186" align="aligncenter" width="272"]alt="" width="272" height="181" /> कार्यक्रम में मौजूद मुखिया[/caption] झारखंड राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष हिमांशु शेखर चौधरी ने कहा कि मुखिया अपने अधिकारों को नहीं समझेंगे, तब तक योजना सफल नहीं हो सकता है. एनएफएस से संचालित सभी योजनाओं पर मुखिया निगरानी रख सकते हैं. अधिकारी यदि मुखिया की शिकायतों पर संज्ञान लेकर कार्रवाई नहीं करते हैं तो राज्य खाद आयोग में शिकायत दर्ज कराएं. मुखिया पंचायत स्तर पर बनी खाद्य सुरक्षा योजना की निगरानी समिति के पदेन अध्यक्ष होते हैं. इस नाते इस योजना से जुड़ी सभी जानकारी और उनके क्रियान्वयन की कठिनाई को दूर करने के लिए शिकायत का अधिकार उनके ही पास है. उन्होंने बताया कि राज्य के विभिन्न हिस्सों से योजना को लेकर आयोग के समक्ष आ रही शिकायतों की समीक्षा के बाद विभाग की ओर हर जिले में संवाद और जन सुनवाई कार्यक्रम किया जा रहा है. राज्य खाद आयोग की सदस्य शबनम परवीन ने मुखिया को खाद्य सुरक्षा अधिकार की विस्तृत जानकारी दी. कहा कि क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को आंगनबाड़ी से मिलने वाली नमकीन व मीठा दलिया खाने को प्रेरित करें. कार्यक्रम में सैंकड़ों मुखिया उपस्थित थे. यह">https://lagatar.in/pakur-accused-of-murdering-wife-absconds-from-police-custody-6-policemen-suspended/">यह
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