alt="" width="300" height="225" /> प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल अभ्यर्थी[/caption] अमित बर्धन ने कहा कि जिले के बेरोजगार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए मुर्गीपालन का प्रशिक्षम दिया जा रहा है. कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था में पशुपालन एक महत्वपूर्ण आजीविका का साधन हैं. मुर्गीपालन काफी रोजगारपरक होती हैं. मुर्गीपालन में मुर्गियों के स्वास्थ्य की जानकारी, टीकाकरण, आहार और रखरखाव की जानकारी होनी ज़रूरी है. आरसेटी की ओर से प्रशिक्षुओ को मुर्गीपालन के साथ-साथ उद्यमी विकास पर भी प्रशिक्षण दिया जाएगा. इस अवसर पर आरसेटी पाकुड़ के संकाय वापी दास, कार्यालय सहायक शिबू कुनाई और मोतीलाल साहा व अन्य मौजूद थे. यह">https://lagatar.in/pakur-meeting-of-mind-fortnight-from-may-29-to-june-14-dalsa/">यह
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