Pakur : बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान मिशन (एफएलएन) विषय पर 12 जून को डायट भवन सभागार में कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला का उद्घाटन डीडीसी मो. शाहिद अख्तर, डीईओ रजनी देवी और डीएसई मुकुल राज ने दीप प्रज्वलित कर किया. कार्यशाला को संबोधित करते हुई डीडीसी मो. शाहिद अख्तर ने कहा कि बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान बच्चों की शैक्षणिक विकास प्रक्रिया के महत्वपूर्ण आधार हैं. इसके क्रियान्वयन में शिक्षकों के साथ-साथ अभिभावकों का भी योगदान जरूरी है. जिलास्तर पर शिक्षा पद्धति के विकास के लिए प्रेरणादायक काम किया जा रहा है. हमें अपनी बुनियादी व्यवस्था को और ज्यादा मजबूत बनाने की जरूरत है. कार्यशाला में डीईओ रजनी देवी ने एफएलएन और निपुण भारत मिशन पर चर्चा की. इसके अलावा उन्होंने शिक्षकों की महती भूमिका तथा विद्यालय स्तर पर उनकी उपयोगिता पर भी प्रकाश डाला. जिला शिक्षा अधीक्षक मुकुल राज ने कहा कि कार्यशाला आयोजन का उद्देश्य शिक्षकों के माध्यम बच्चों को बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान को रुचिकर तरीके से पढ़ाने को लेकर है. शिक्षक प्रारंभिक कक्षा से ही बच्चों में सीखने की प्रवृत्ति विकसित कर दें तो उनकी आगे की शिक्षा सुगम होगी. कार्यशाला में मास्टर ट्रेनर, सभी बीईईओ, बीआरपी, सीआरपी, पीरामल फाउंडेशन की मीना ठाकुर समेत अन्य लोग उपस्थित थे. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=665536&action=edit">यह
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पाकुड़ : बुनियादी साक्षरता व संख्या ज्ञान शैक्षणिक विकास के आधार- डीडीसी
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