alt="" width="300" height="169" /> कार्यशाला का उद्घाटन करते कृषि वैज्ञानिक[/caption] वरीय वैज्ञानिक डॉक्टर विनोद कुमार ने मुख्यमंत्री सूखाड़ राहत योजना में छूटे हुए किसानों से रजिस्ट्रेशन कराने को कहा. कार्यशाला को संबोधित करते हुए डॉ.विनोद कुमार ने कहा कि किसानों को मोटे अनाज की खेती को बढ़ावा देना चाहिए. इस वर्ष को अंतरराष्ट्रीय मिलेट वर्ष घोषित किया गया है. किसानों को ज्वार, बाजरा, रागी, गुनदली आदि की खेती पर जोड़ देना चाहिए. कृषि वैज्ञानिक डॉक्टर संजय कुमार ने जैविक कृषि के साथ-साथ पशुपालन व पशुओं में होने वाली बीमारियों के इलाज की विस्तृत जानकारी दिया. [caption id="attachment_549012" align="alignnone" width="300"]
alt="" width="300" height="169" /> किसानों को मोटे अनाज की खेती की जानकारी देते वरीय कृषि वैज्ञानिक[/caption] प्रखंड कृषि पदाधिकारी केसी.दास ने कृषि विभाग से संचालित झारखंड कृषि ॠण माफी योजना, केसीसी ऋण, बीज़ वितरण व बोआई से संबंधित योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी. सहायक तकनीकी प्रबंधक रामेश्वर मुर्मू ने आत्मा, कृषि विभाग, भूमि संरक्षण विभाग और उद्यान विभाग के योजनाओं से अवगत कराया. आईटीसी मिशन के प्रखंड समन्वयक मुसलेउद्दीन अंसारी ने सुखाड़ की स्थिति में किसानों द्वारा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना का लाभ लेकर कम पानी में प्लास्टिक मल्चिंग का प्रयोग कर खेती कर उत्पादन बढ़ाने की जानकारी दी. कार्यक्रम में जनसेवक कुंदन कुमार, जनसेवक दिवेश मिश्र, किसान मित्र व बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे. यह">https://lagatar.in/pakur-baliyadangas-baliyadangas-childrens-home-tribal-center-will-start-soon/">यह
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