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पाकुड़ : हूल दिवस पर डीसी-एसपी ने सिद्धो-कान्हू को दी श्रद्धांजलि

 
वीर शहीदों की कुर्बानी को भूलाया नहीं जा सकता : डीसी
Pakur : हूल दिवस के अवसर पर सिदो-कान्हू पार्क में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन कर सिदो-कान्हू, चांद भैरव व फूलो-झांनो को याद किया गया. डीसी वरूण रंजन ने कहा कि 30 जून 1855 को सिद्धो-कान्हू ने अंग्रेजों की गुलामी व शोषण से मुक्ति का बिंगुल फूंका था. हूल विद्रोह अंग्रेजों के खिलाफ जनजातीय समाज की आजादी के लिए प्रथम जनक्रांति थी. सिद्धो-कान्हू के आह्वान पर हजारों संथाल आदिवासी अंग्रेजों के खिलाफ विद्रोह में शामिल हुए तथा अपने प्राणों की आहुति दी. हूल विद्रोह ने अंग्रेजी शासन की नींव हिला दी थी. वीर शहीदों की कुर्बानी को कभी भूलाया नहीं जा सकता है.

एसपी समेत कई अधिकारियों ने किया माल्यार्पण

[caption id="attachment_684234" align="aligncenter" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/06/Pakur-Hul-SP-1-300x200.jpg"

alt="" width="300" height="200" /> सिदो-कान्हो की प्रतिमा पर माल्यार्पण करते एसपी[/caption] मौके पर लोगों ने सिदो-कान्हू की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनकी शहादत को याद किया. डीसी वरुण रंजन, एसपी एच. पी. जनार्दनन, एसडीओ हरिवंश पंडित, एसी विकास कुमार त्रिवेदी, प्रमोद कुमार दास, कौशलेश कुमार यादव, रमेश प्रसाद सिंह, राहुल कुमार समेत अन्य पदाधिकारियों ने सिद्धो-कान्हू के प्रतिमा पर माल्यार्पण कर हूल विद्रोह के सभी सेनानियों को नमन किया. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=683667&action=edit">यह

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