Pakur /Godda : अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर 1 मई को जेएमएम कार्यकर्ताओं ने आम बागान से बाइक रैली निकाली. रैली भगत पाड़ा, गांधी चौक के रास्ते बायपास रोड होते हुए वापस लड्डू बाबू आम बागान आकर मजदूर जिला सम्मेलन में तब्दील हो गई. सम्मलेन की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष श्याम यादव और जिला सचिव सुलेमान बास्की ने की. सम्मेलन को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष ने कहा कि सबसे पहले 1886 में अमेरिका में मजदूर दिवस मनाया गया. भारत में इसकी शुरुआत 1923 में वामपंथी नेताओं ने चेन्नई से की. उसके बाद देश के अन्य हिस्सों में मनाया जाने लगा. सम्मेलन में पार्टी के मजदूर मोर्चा का विस्तार किया गया. मौके पर जिला सचिव जोसेफिना हेंब्रम, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष सुशीला देवी, निशा शबनम हांसदा, अमित भगत, बाबूधन मुर्मू, हबीबुर्रहमान, महमूद आलम, मुसलउद्दीन, मुकेश सिंह, सुनील टुडू, प्रकाश सिंह फारुख समेत पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे.
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alt="" width="300" height="168" /> ढ़ोल नगाड़े के साथ धऱना प्रदर्शन करते ललमटिया कोलियरी के कर्मचारी[/caption] ईस्टर्न कोल फील्ड लिमिटेड अंतर्गत राजमहल परियोजना के ललमटिया कोलियरी के कर्मचारियों ने 1 मई को मजदूर दिवस के दिन छुट्टी नहीं मिलने से कामकाज रोककर धरना प्रदर्शन किया. सैकड़ों कर्मचारी कार्यालय में ताला बंदी कर ढ़ोल नगाड़े के साथ दिन भर धरना प्रदर्शन करते रहे. कर्मचारी नेता अहमद अंसारी ने बताया कि आज के दिन छुट्टी नहीं देना सरासर सरकार की मजदूर विरोधी नीति है. धरना प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने बताया कि मजदूर दिवस के दिन हर साल छुट्टी मिलती थी. ऐसा पहली बार हुआ कि सत्तर प्रतिशत कर्मचारियों को छुट्टी नहीं दी गई. प्रबंधन ने आदेश जारी कर कहा है कि सिर्फ वैसे कर्मचारियों को छुट्टी मिलेगी जो कार्यालय में काम करते हैं. बाकी जो फील्ड में काम करते हैं छुट्टी नहीं मिलेगी. वहीं इस संबंध में विभागीय अधिकारियों ने बताया कि कुछ कर्मचारियों को छुट्टी दी गई है, कुछ कर्मचारियों को नहीं दी गई है. छुट्टी की मांग सभी कर्मचारी कर रहे हैं. धरना प्रदर्शन के कारण परियोजना में कामकाज प्रभावित रहा. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=624328&action=edit">यह
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मजदूर नेता ने न्यूनतम वेतन सुनिश्चित करने की मांग की
मजदूर दिवस के अवसर पर मालपहाड़ी में मजदूरों की बैठक हुई, जिसमें मजदूर नेता अर्धेन्दु गांगुली और सीटू नेता माणिक दुबे मौजूद थे. बैठक में अर्धेन्दु गांगुली ने कहा कि पाकुड़ जिले से मजदूरों का पलायन रोकना है. सरकारी कंपनियों के निजीकरण होने से मजदूर बेरोजगार हो जाते हैं. पलायन का वजह यह भी है. बैठक में सरकारी कंपनियों के निजीकरण का विरोध करने का निर्णय लिया गया. इसके अलावा उन्होंने श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन सुनिश्चित करने की मांग कीछुट्टी नहीं मिलने पर ललमटिया कोलियरी के कर्मचारियों ने किया विरोध प्रदर्शन
[caption id="attachment_625054" align="aligncenter" width="300"]alt="" width="300" height="168" /> ढ़ोल नगाड़े के साथ धऱना प्रदर्शन करते ललमटिया कोलियरी के कर्मचारी[/caption] ईस्टर्न कोल फील्ड लिमिटेड अंतर्गत राजमहल परियोजना के ललमटिया कोलियरी के कर्मचारियों ने 1 मई को मजदूर दिवस के दिन छुट्टी नहीं मिलने से कामकाज रोककर धरना प्रदर्शन किया. सैकड़ों कर्मचारी कार्यालय में ताला बंदी कर ढ़ोल नगाड़े के साथ दिन भर धरना प्रदर्शन करते रहे. कर्मचारी नेता अहमद अंसारी ने बताया कि आज के दिन छुट्टी नहीं देना सरासर सरकार की मजदूर विरोधी नीति है. धरना प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने बताया कि मजदूर दिवस के दिन हर साल छुट्टी मिलती थी. ऐसा पहली बार हुआ कि सत्तर प्रतिशत कर्मचारियों को छुट्टी नहीं दी गई. प्रबंधन ने आदेश जारी कर कहा है कि सिर्फ वैसे कर्मचारियों को छुट्टी मिलेगी जो कार्यालय में काम करते हैं. बाकी जो फील्ड में काम करते हैं छुट्टी नहीं मिलेगी. वहीं इस संबंध में विभागीय अधिकारियों ने बताया कि कुछ कर्मचारियों को छुट्टी दी गई है, कुछ कर्मचारियों को नहीं दी गई है. छुट्टी की मांग सभी कर्मचारी कर रहे हैं. धरना प्रदर्शन के कारण परियोजना में कामकाज प्रभावित रहा. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=624328&action=edit">यह
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