Pakur:पूरे भारत का सबसे अधिक पशु बिक्री होने वाली में से एक हिरणपुर मवेशी हॉट का इन दिनों हाल खस्ता है. हिरणपुर हाट में आरा, छपरा, सिवान, सोनपुर, बलिया, गोड्डा,साहिबगंज सहित विभिन्न जिला व विभिन्न राज्यों से पशु लेकर हिरणपुर हॉट में बिक्री के लिए व्यवसायी आते थे. स्थानीय कहते हैं कि इस हाट में इतनी पशु आते थे 4 दिनों तक पशु बिक्री होते रहती थी. व्यापारी हमेशा यहां जमे रहते थे लेकिन आज यहां पशु नहीं के बराबर आते हैं. गोड्डा के व्यवसायी प्रवेश कुमार कहते हैं कि यहां पर पहले पशु लेकर आने में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होती थी. लेकिन आज कानूनी पचरा इतना बढ़ गया है कि पशु लाना मुश्किल हो गया है. वहीं साहिबगंज के व्यवसायी सलाम शेख कहते हैं कि पहले जैसा हाट में दम भी नहीं रहा और पहले जैसे लोग भी नहीं रहे. हालांकि पशु की कीमतों में काफी इजाफा हुई है. प्रभारी मवेशी हॉट अधीक्षक सह सीओ मनोज कुमार ने कहा कि पहले जैसा हाट अब नहीं लगता है. पहले हाट में बड़े-छोटे, उत्तम व मध्यम किस्म के हजारों पशु आते थे. जिससे सरकार को लगभग एक हाट में लाख तक की रेवेन्यू मिलती थी. आज स्थिति यह हो गई है दर्जनों की संख्या में पशु आते हैं. वर्तमान में रेवेन्यू हजारों तक ही सरकार को प्राप्त होती है. [caption id="attachment_633885" align="alignnone" width="300"]

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alt="" width="300" height="225" /> रेवेन्यू कलेक्शन के लिए दी जाने वाली रसीद[/caption] स्थानीय मुकेश रविदास, विकास रविदास,नूरजहां शेख, रफीक शेख आदि ने कहा कि आज से 20 वर्ष पहले यह काफी चर्चित हाट हुआ करता था. यह हाट पूरे भारत में अपना एक स्थान रखती थी. लेकिन राज्य में रघुवर सरकार के आने के बाद से पाकुड़ के पूर्व डीसी दिलीप कुमार झा ने हाट को बंद करवा दिया था. फिर से राज्य में हेंमत सोरेन सरकार बनने के बाद हॉट प्रारंभ हुई लेकिन अब हाट में वैसा रौनक नहीं रहा. हाट से बिक्री के बाद पशुओं को ले जाने के लिए स्वास्थ्य प्रमाण पत्र दिया जाता है. लेकिन पशु चिकित्सक कल्पना कुमारी समय पर पहुंची है. सहायक प्रदीप कुमार ने बताया कि एक मवेशी के बिक्री होने पर व उसे बाहर ले जाने के लिए झारखंड का ही व्यक्ति होना चाहिए चाहे वह झारखंड के किसी भी जिले का हो. एक पशु पर 50 रूपए टैक्स के रूप में सरकार को रेवेन्यू आती है.
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