Pakur : सदर प्रखंड के माल पहाड़ी पंचायत स्थित बिशनपुर गांव में पानी की किल्लत है. एक डीप बोरिंग से साठ घरों के कुल तीन सौ लोग प्यास बुझा रहे हैं. किसी कारणवश इसके खराब होने पर बूंद-बूंद पानी के लिए ग्रामीणों को तरसना पड़ता है. हालांकि डीप बोरिंग से 100 मीटर की दूरी पर एक चापाकल भी है, लेकिन भीषण गर्मी में वह खराब हो चुका है. ग्रामीण अपनी प्यास बुझाने के लिए एकमात्र इसी बोरिंग पर आश्रित हैं. इस डीप बोरिंग को एमएमसी पत्थर खदान कंपनी ने गांव में पानी की किल्लत दूर करने के लिए गड़ाया था. गांव में शिक्षक रसिकलाल मुर्मू ने बताया कि अपनी प्यास बुझाने के लिए ग्रामीण इस बोरिंग पर आश्रित हैं. किसी कारणवश इसके खराब होने पर बूंद-बूंद पानी के लिए तरसना पड़ता है. [caption id="attachment_656765" align="aligncenter" width="300"]

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alt="" width="300" height="225" /> शिक्षक रसिकलाल मुर्मू[/caption] ग्रामीण साहब हांसदा ने बताया कि ग्रामीण पीने का पानी इस बोरिंग से भरते हैं. यह हम लोगों की जान की रक्षा करता है. [caption id="attachment_656769" align="aligncenter" width="300"]

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alt="" width="300" height="225" /> साहब हांसदा[/caption] मालपहाडी पंचायत में पेयजल संकट के बारे में मुखिया सविता हेंब्रम का कहना है कि चार-पांच स्थानों पर बोरिंग करवाई गई है. पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण गर्मी में भूजल स्तर नीचे चले जाने से बोरिंग काम नहीं कर रहा है. [caption id="attachment_656772" align="alignnone" width="150"]

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alt="" width="150" height="300" /> मुखिया सविता हेंब्रम[/caption]
यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=655787&action=edit">यह भी पढ़ें : पाकुड़ : डीसी ने अनुकंपा के आधार पर दो लोगों को सौंपा नियुक्ति पत्र [wpse_comments_template]
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