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पलामू : 54 हथियारों के लाइसेंस को जांच के लिए भेजा गया स्पेशल ब्रांच

 
Sanjeet Yadav Medininagar : पलामू में 54 हथियारों के लाइसेंस को जांच के लिए स्पेशल ब्रांच भेजा गया है. पूर्व डीसी के द्वारा जिन लोगों को हथियार के लाइसेंस दिये गये, उसकी जांच हो रही है. आशंका जतायी जा रही है कि हथियार के लाइसेंस को लेकर जो मेडिकल सर्टिफिकेट जारी किया गया है और हथियार हैंडल करने का सर्टिफिकेट फर्जी हो सकता है. जिन लोगों को पिछले कुछ दिनों में लाइसेंस दिए गए हैं, उनके औचित्य की भी जांच की जा रही है. लाइसेंस धारक को वाकई में सुरक्षा का खतरा है या नहीं इस बिंदु पर भी रिपोर्ट मांगी गई है. पलामू में पिछले कुछ महीनों में कई सरकारी कर्मी, वहीं एक ही परिवार में कई लोगों को हथियार के लाइसेंस जारी किए गए हैं. हथियार के लाइसेंस लेने वालों में एक ही परिवार के पति-पत्नी हैं. जिन 54 लाइसेंस की जांच होनी है, उनमें पांच महिलाएं भी हैं. 10 हरिहरगंज, हुसैनाबाद, छतरपुर, जबकि 27 लाइसेंस धारक मेदिनीनगर के हैं. लाइसेंस धारकों में कई सीनियर पुलिस अधिकारी, ठेकेदार, सरकारी कर्मचारी भी शामिल हैं. सदर एसडीएम कार्यालय में तैनात एक पुलिस को रौंदने का भी आरोप लगा था.  दरअसल पलामू में दो हजार के करीब हथियारों के लाइसेंस धारक हैं. 2018-19 तक पलामू में करीब 1811 लोगों के पास लाइसेंसी हथियार थे. उसके बाद कई लोगों को हथियार का लाइसेंस दिया गया है. 2014 तक पलामू में करीब 6600 लोगों के पास हथियार के लाइसेंस थे. लेकिन अभियान चला कर 4400 के करीब लाईसेंस को रद्द किया गया था. बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी और पंकज यादव ने कुछ महीने पहले इस मामले को उठाया था और कहा था कि पैसे लेकर टॉफी की तरह पलामू में खनन माफियाओं को हथियार का लाइसेंस बांटा गया है. इस मामले में पंकज यादव ने  झारखंड के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर जांच कराने की मांग की थी. इसे भी पढ़ें : केपटाउन">https://lagatar.in/india-created-history-in-cape-town-achieved-historic-victory-in-just-two-days-on-the-strength-of-bowlers/">केपटाउन

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