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पलामू : आयुक्त ने बाल सुधार गृह और आंगनबाड़ी केंद्रों का किया निरीक्षण

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Palamu : प्रमंडल आयुक्त मनोज जायसवाल ने शुक्रवार को बाल सुधार गृह जेलहाता, पलामू और विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया. बाल सुधार गृह में निरीक्षण के दौरान आयुक्त यहां रह रहे किशोरों से रू-ब-रू हुए. उनकी समस्याओं को जाना और उसके समाधान के लिए पदाधिकारियों को निर्देश दिया. किशोरों को नैतिक शिक्षा का पाठ पढ़ाते हुए आयुक्त मनोज जायसवाल ने चरित्र निर्माण पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि जाने-अनजाने में अपराध के बाद यहां आए किशोर अपने में सुधार लाकर मुख्यधारा से जुड़ने का प्रयास करें. बेहतर भविष्य के लिए गलतियों से बचें. गलती की पुनरावृति नहीं करें. यहां से सही सीख लेकर जाएं और बेहतर जीवन यापन करें. उन्होंने रोजगार का प्रशिक्षण प्राप्त कर जीवन दशा सुधारने, माता-पिता को सहयोग करने एवं अच्छे नागरिक बनकर समाज में सकारात्मक योगदान देने की बातें कही. किशोरों के बीच कानूनी जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए जाने की आवश्यकता बताई. आयुक्त ने कानूनी जागरूकता कार्यक्रम के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार को पत्र लिखकर सहयोग लेने का निर्देश दिया. आयुक्त ने बाल सुधार गृह में रह रहे किशोरों द्वारा मिट्टी से बनाए गये सजावटी दीप, प्लेट आदि सामग्री का अवलोकन किया और इसकी सराहना की. साथ ही इन्हें स्कील डेवलपमेंट से संबंधित प्रशिक्षण दिलाने तथा बाल सुधार गृह में फूलों की बागवानी और किचन गार्डन विकसित कराने का निर्देश दिया. इसे भी पढ़ें :लैंड">https://lagatar.in/land-for-job-case-17-including-lalu-rabri-tejashwi-summoned-to-appear-in-court-on-october-4/">लैंड

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आयुक्त ने बच्चों की कम उपस्थिति पर चिंता जताई

इसके बाद आयुक्त मनोज जायसवाल ने आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया. छोटे बच्चों की शिक्षा, पोषण और स्वास्थ्य की जानकारी ली. आयुक्त ने आंगनबाड़ी केंद्र नर्सरी स्कूल हमीरगंज-1, आंगनबाड़ी केंद्र कुंड कांजी हाउस और सदर प्रखंड अंतर्गत सुआ पंचायत के लहसुनिया स्थित मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया. उन्होंने पाया कि आंगनबाड़ी केंद्रों में 15 से अधिक बच्चे नामांकित हैं जबकि उपस्थिति 7- 8 तक ही सीमित है. आंगनबाड़ी केंद्रों में नामांकित बच्चों की अपेक्षा उनकी कम उपस्थित पर चिंता जताई. उन्होंने आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका सहित पर्यवेक्षिका एवं जिला समाज कल्याण पदाधिकारी को आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की शत प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया. मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र में 35 बच्चे नामांकित हैं, जबकि कक्षा में 22 बच्चे ही उपस्थित पाये गये. आयुक्त के निरीक्षण के दौरान जिला समाज कल्याण पदाधिकारी नीता चौहान और महिला पर्यवेक्षिका उपस्थित थीं. इसे भी पढ़ें :सनातन">https://lagatar.in/result-of-controversial-speech-against-sanatan-dharma-supreme-court-issued-notice-to-udhayanidhi-and-dmk-leader-a-raja-and-sought-reply/">सनातन

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