Palamu/Ranchi : पलामू डीसी शशि रंजन ने आर्थिक रूप से संपन्न राशन कार्डधारियों को अपना कार्ड आगामी 20 दिसंबर तक आपूर्ति विभाग के समक्ष सरेंडर करने की अपील की है. उन्होंने ऐसा नहीं करने पर संबंधितों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करने और वसूली करने की बात कही है. डीसी ने कहा कि जिले में कई ऐसे संपन्न परिवार हैं, जो आर्थिक रूप से मजबूत होने के बावजूद राशन कार्ड रखकर राशन का उठाव कर रहे हैं. जिसके कारण जिले के कई योग्य व्यक्ति राशन कार्ड योजना से वंचित है. इतना ही नहीं इससे विभाग को आर्थिक नुकसान भी हो रहा है. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 अंतर्गत कुल 18,28,926 सदस्यों को राशन कार्ड से लाभान्वित करने का लक्ष्य निर्धारित है. जिसके विरूद्ध वर्तमान में शत-प्रतिशत लोगों को राशन कार्ड दिया जा चुका है. ऐसी स्थिति में राशन कार्ड में छूटे हुए लाभुक परिवार के सदस्यों का नाम जोड़ने के लिए प्राप्त आवेदनों की स्वीकृति नहीं हो पा रही है. यदि अयोग्य कार्डधारी 20 दिसंबर तक अपना राशन कार्ड सरेंडर नहीं करतें हैं तो उनके खिलाफ जन वितरण प्रणाली नियंत्रण आदेश 2024 के कंडिका-7 (11) और (111)के तहत कानूनी कार्रवाई की जायेगी.
सभी बीडीओ को 20 दिसंबर तक अयोग्य कार्ड सरेंडर कराने का दिया निर्देश
डीसी ने जिले के सभी बीडीओ को अपने क्षेत्र अंतर्गत प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी/निगरानी सतर्कता समिति की उपस्थित में बैठक आयोजित कराते हुए 20 दिसंबर तक अयोग्य कार्ड सरेंडर करवाने की बात कही है. उन्होंने कहा है कि वैसे अपात्र लाभुक जो अपना राशन कार्ड स्वतः सरेंडर नहीं करते हैं, उनकी सूची सुस्पष्ट कारण सहित तैयार करें. वहीं 25 दिसंबर तक प्रखंड कार्यालय में जन वितरण प्रणाली विक्रेताओं के माध्यम से डिलिशन के लिए प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी व संबंधित पंचायत के मुखिया के अनुशंसा के साथ जमा करें.
अयोग्य राशन कार्डधारियों के विरुद्ध होगी ये कार्रवाई
- आपराधिक कार्यवाही
- राशन लिये जाने की तिथि से व्याज की वसूली, भू-राजस्व के बकाये के सदृश्य बाजार दर 12 प्रतिशत प्रतिवर्ष के ब्याज पर वसूली
- यदि लाभुक भारत सरकार/राज्य सरकार/ केंद्र शासित प्रदेश या इनके परिषद/उद्यम/प्रक्रम उपक्रम/अन्य स्वायत निकास जैसे विश्वविद्यालय आदि/नगर निगम/नगर पर्षद/नगरपालिका/न्यास आदि में नियोजित हो, तो उपरोक्त के अलावा उस पर विभागीय कार्यवाही का संचालन किया जायेगा.
- अगर उठाव ऑफलाइन किया जाता है,तो उसका पक्ष सुना जायेगा एवं 15 दिनों के अंदर पूरी प्रक्रिया का निष्पादन कर दोषी पाये जाने की स्थिति में कंडिका-7 (11) के अनुसार कार्रवाई की जायेगी.
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