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पलामू डीसी शशि रंजन... नायक फिल्म के हीरो से कम नहीं

Sanjeet Yadav Palamu : नायक फिल्म में हीरो अनिल कपूर का भौकाल तो आपने देखा होगा कि कैसे सरकारी सिस्टम को सुधारा था. आज ऐसा ही एक रियल हीरो के बारे में जानेंगे जो नायक फिल्म के हीरो की तरह काम कर रहे हैं. जो रियल लाइफ में सोशल मीडिया से लेकर पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है. हर कोई जानना चाहता है कि आखिर कौन हैं शशि रंजन. जो नायक फिल्म के हीरो की तरह काम कर रहे हैं और जनता के लिए किसी हीरो से कम नहीं है. तो आईए जानते हैं कि कौन हैं .शशि रंजन 2014 बैच के आईएएस अफसर हैं. शशि रंजन मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं. वह आईआईटी कानपुर से इंजीनियरिंग किए हुए हैं. आईएएस शशि रंजन कुछ महीने पहले खूंटी से पलामू डीसी बने हैं. शशि रंजन जब खूंटी में डीसी थे, तब इन्होंने छात्र-छात्राओं को पढ़ने के लिए नि:शुल्क कोचिंग की सुविधा कराई थी , जिसके कारण उस गांव की 10 बेटियों ने जेइई मेन्स क्वालिफाई किया था. इन सभी बेटियों के माता-पिता और ग्रामीण शशि रंजन को भगवान से कम नहीं मानते हैं. कुछ महीने पहले सरकार ने खूंटी से आईएएस शशि रंजन को तबादला करते हुए पलामू डीसी बनाया है. शशि रंजन जब से पलामू जिले के डीसी पद पर पदभार ग्रहण किए हैं तब से इनका खौफ माफियाओं और भ्रष्टाचारियों में साफ दिखाई दे रहा है. पलामू आते ही आईएएस शशि रंजन कभी सुदूरवर्ती इलाके में पहुंचकर बच्चों को पढ़ा रहे हैं, तो कभी ग्रामीणों की समस्या का ऑन द स्पॉट निपटारा कर रहे हैं. डीसी शशि रंजन को जब पता चला कि जिले में गलत तरीके से हथियार का लाइसेंस दिया गया है. तो उन्होंने तुरंत लाइसेंस की जांच करते हुए कार्रवाई करने की तैयारी कर दी.

अधिकारियों पर भी कार्रवाई करने से पीछे नहीं

डीसी शशि रंजन ने अपने अधिकारियों पर भी कार्रवाई करने से पीछे नहीं हट रहे हैं. हाल के दिनों में इन्होंने अचानक समाहरणालय परिसर में पहुंचकर औचक निरीक्षण किया. जिसमें कई अधिकारी और कर्मचारी गायब नजर आये. उन्होंने तुरंत कई अधिकारी और कर्मचारी से स्पष्टीकरण मांगते हुए वेतन निकासी पर रोक लगा दी. निरीक्षण के दौरान जो कार्यालय में एक भी कर्मचारी नजर नहीं आये उस कार्यालय में उन्होंने ताला जड़ दिया. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2024/01/2-76.jpg"

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अधिकारियों में भी खौफ

जिससे इन दिनों अधिकारियों में भी खौफ बना हुआ है. उनकी कार्रवाई से जो अधिकारी समय पर कार्यालय नहीं पहुंचते थे, अब वह 10:30 बजे से ही कार्यालय में नजर आ रहे हैं. जिससे जनता के कार्य तेजी से हो रहे हैं. जनता डीसी साहब से काफी खुश नजर आ रहे हैं. लोग मन ही मन उम्मीद लगा रहे कि ऐसा ही अधिकारी हर जिला में हो जो अपने छोटे पदाधिकारियों को भी गलती करने पर नापने में भी देर नहीं करे. फैसले फटाफट ले. अब लोगों को यही उम्मीद है कि आईएएस शशि रंजन का ‘नायक’ फिल्म के अनिल कपूर वाला यह अंदाज आगे भी कायम रहे. इसे भी पढ़ें : सोमवार">https://lagatar.in/all-offices-in-jharkhand-will-be-closed-till-230-pm-on-monday-government-schools-will-remain-closed-for-the-day/">सोमवार

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