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पलामू :   अवैध क्लीनिक व अस्पतालों पर लगाम कसने की कवायद शुरू

अनिल श्रीवास्तव ने बताया कि पलामू डीसी समीरा एस. के निर्देश पर तीन सदस्यीय टीम का गठन किया गया है, जो हर माह क्लीनिकों की नियमित जांच करेगी. इस टीम में प्रखंड के अंचलाधिकारी, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी और थाना प्रभारी शामिल होंगे.
 
  • प्रत्येक महीने तीन सदस्यीय टीम करेगी जांच

Palamu :  स्वास्थ्य विभाग ने जिले में अवैध रूप से संचालित हो रहे अस्पतालों और क्लीनिकों पर लगाम कसने की कवायद शुरू कर दी है. सिविल सर्जन अनिल कुमार श्रीवास्तव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस बात की जानकारी दी. 

 

अनिल श्रीवास्तव ने बताया कि पलामू डीसी समीरा एस. के निर्देश पर तीन सदस्यीय टीम का गठन किया गया है, जो हर माह क्लीनिकों की नियमित जांच करेगी. इस टीम में प्रखंड के अंचलाधिकारी, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी और थाना प्रभारी शामिल होंगे. 

 

इसको लेकर सभी प्रखंडों में निबंधित अस्पतालों और क्लीनिकों की सूची तैयार कर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को सौंप दी गई है. ताकि अवैध रूप से संचालित अस्पतालों और क्लीनिकों पर कार्रवाई की जा सके. 

गलत इंजेक्शन देने पर बच्चे की मौत

दरअसल बीते शुक्रवार को नावाबाजार स्थित केजीएन क्लीनिक में इलाज के दौरान दो माह के बच्चों की मौत हो गई थी. आरोप है कि क्लिनिक के संचालक डॉ. यासीन ने गलत इंजेक्शन दिया, जिसके चलते नवजात की जान चली गई.  उस पर अवैध तरीके से क्लिनिक संचालित करने का भी आरोप है. हालांकि घटना के बाद ही संचालक फरार है, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है.

 

दो अवैध क्लीनिक सील

सिविल सर्जन श्रीवास्तव ने आगे बताया कि पांकी और हुसैनाबाद में दो निजी क्लीनिकों को सील किया गया है. आगे भी शिकायत या सूचना मिलने पर ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी.  उन्होंने संचालकों को निबंधन कराकर नियमानुसार अस्पताल और क्लीनिक संचालित करने की नसीहत दी. 

 

सिविल सर्जन ने सरकारी अस्पतालों में कार्यरत डॉक्टरों को चेतावनी दी कि अगर अवैध रूप से अस्पताल व क्लीनिक संचालन करने की जानकारी मिली तो आप पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

 

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