इप्टा ने मेहनतकश जनता को आवाज दी
राकेश वेदा ने बताया कि सम्मेलन की सफलता के लिए प्रसिद्ध कलाकार शबाना आजमी, एम एस सथ्यू, अंजन श्रीवास्तव समेत फिल्मी दुनिया के कई कलाकारों ने शुभकामना संदेश दिया है. उन्होंने भारतीय जन नाट्य संघ की विरासत का जिक्र करते हुए कहा कि इप्टा ने मेहनतकश जनता की आवाज को विभिन्न कलारूपों के जरिए आवाज दी है. आज जब संस्कृति और साझी विरासत पर लगातार हमले हो रहे हैं और प्रगतिशील, जनवादी कलाकार, संस्कृतिकर्मी, गायक, नाटककार, लेखक दमन का सामना कर रहे हैं, तब लगातार इप्टा सत्ता के खिलाफ मजबूती से खड़ा होता रहा है. शीतल साठे से लेकर आनंद पटवर्धन तक इसके उदाहरण हैं. इप्टा ने सरकार के निशाने पर रहे संस्कृतिकर्मियों को जोड़ने का काम किया है. इसी क्रम में हाल ही में युवा गायिका नेहा सिंह राठौर के साथ इप्टा मजबूती से खड़ी हुई है. इसे भी पढ़ें-जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-dead-body-of-youth-found-hanging-from-tree-in-patmada-police-engaged-in-investigation/">जमशेदपुर: पटमदा में पेड़ से लटकता मिला युवक का शव, जांच में जुटी पुलिस
आज संविधान खतरे में- तनवीर अख्तर
राष्ट्रीय महासचिव राकेश ने 25 मई 1943 के इप्टा के आह्वान को दोहराते हुए कहा कि “लेखक और कलाकार आओ, अभिनेता और नाटककार आओ, हाथ से और दिमाग़ से काम करने वाले आओ और स्वंय को आज़ादी और सामाजिक न्याय की नयी दुनिया के निर्माण के लिये समर्पित कर दो”. प्रेस कॉन्फ्रेंस में इप्टा की राष्ट्रीय समिति के उपाध्यक्ष और बिहार इप्टा के महासचिव तनवीर अख्तर ने कहा कि इप्टा का 15वां राष्ट्रीय सम्मेलन एक ऐसे दौर में हो रहा है जब संविधान और संवैधानिक मूल्य खतरे में है. अभिव्यक्ति की आजादी पर हमले बढ़े हैं. नफरत की राजनीति सर चढ़कर बोल रही है और सांस्कृतिक मूल्यों को नष्ट करने की कोशिश जारी है. इस सम्मेलन के जरिए खेती-किसानी, सामाजिक न्याय, वैज्ञानिक चेतना और महिलाओं, युवाओं व जेंडर जैसे मुद्दे पर खुलकर बातचीत कर आगे की सांस्कृतिक रणनीति तय करेंगे.‘आओ कि कोई ख्वाब बुनें कल के वास्ते...’
इप्टा के राष्ट्रीय सचिव शैलेंद्र कुमार ने बताया कि इप्टा ने अपने संस्कृति कर्म के जरिये प्रेम, दया, करुणा और जम्हूरियत के गीत गाये, इसलिये होने वाले इस सम्मेलन के लिये नारा दिया गया है ‘आओ कि कोई ख्वाब बुनें कल के वास्ते’. भले ही यह सम्मेलन इप्टा का हो, लेकिन यह पूरा आयोजन पलामू और देश के सभी कलाकारों का है. उन्होंने कहा कि यह आयोजन देश की सांस्कृतिक एकजुटता को नया आयाम देगा और जनवादी, प्रगतिशील संगठनों, साथियों की व्यापक एकता को पुनर्परिभाषित करेगा. गुड़ाबांदा">https://lagatar.in/gudabanda-police-sent-the-accused-to-jail-for-sexually-abusing-on-the-pretext-of-marriage/">गुड़ाबांदा: शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने के आरोपी को पुलिस ने भेजा जेल

Leave a Comment