Rewti Raman
Medininagar : झारखंड सरकार ने 46 आईपीएस अधिकारियों का तबादला कर दिया है. इस प्रशासनिक फेरबदल के तहत पलामू जिले को नया पुलिस अधीक्षक मिल गया है. 2019 बैच के आईपीएस अधिकारी कपिल चौधरी को पलामू एसपी नियुक्त किया गया है. वह वर्तमान एसपी रीष्मा रमेशन की जगह लेंगे.
इस फेरबदल को राज्य में कानून-व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है. प्रशासनिक हलकों में इसे एक रणनीतिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है, जिसका उद्देश्य संवेदनशील जिलों में प्रभावी पुलिसिंग सुनिश्चित करना है.
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धनबाद में अपराध नियंत्रण में दिखी सक्रियता
कपिल चौधरी इससे पहले धनबाद में ग्रामीण एसपी के पद पर कार्यरत थे, जहां उन्होंने अपनी कार्यशैली से एक सख्त और परिणामोन्मुख अधिकारी की छवि बनाई. उनके कार्यकाल के दौरान अवैध खनन, कोयला तस्करी और संगठित अपराध के खिलाफ कई कार्रवाई की गई.
लगातार अभियान चलाकर उन्होंने अपराधियों पर दबाव बनाया, जिससे कई मामलों में गिरावट दर्ज की गई. पुलिस बल की सक्रियता बढ़ाने, थानों की जवाबदेही तय करने और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने में उनकी भूमिका अहम रही.
नक्सल प्रभावित इलाके में कार्य करने का जमीनी अनुभव
अपने करियर के शुरुआती दौर में कपिल चौधरी ने करीब 20 महीने तक नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में काम किया है. इस दौरान उन्होंने जमीनी स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था को समझने और उसे मजबूत करने की दिशा में काम किया.
नक्सल गतिविधियों की रणनीति, स्थानीय नेटवर्क और सुरक्षा बलों के समन्वय को लेकर उन्हें व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ. इसके अलावा वे चक्रधरपुर में एसडीपीओ के पद पर भी तैनात रह चुके हैं, जहां उन्होंने कई चुनौतीपूर्ण अभियानों का नेतृत्व किया.
पलामू में अवैध खनन और संगठित अपराध बड़ी चुनौती
राजस्थान के मूल निवासी कपिल चौधरी को पलामू जैसे नक्सल प्रभावित और संवेदनशील जिले की जिम्मेदारी सौंपी गई है. यह जिला लंबे समय से नक्सल गतिविधियों, अवैध खनन और संगठित अपराध जैसी समस्याओं से जूझता रहा है.
ऐसे में उनके सामने कानून-व्यवस्था को बनाए रखना, अपराध पर अंकुश लगाना और आम लोगों में सुरक्षा की भावना को मजबूत करना प्रमुख चुनौती होगी. साथ ही पुलिस और जनता के बीच विश्वास बढ़ाना भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल हो सकता है.
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