: चोरी के फरार आरोपी के घर पुलिस ने चस्पाया इश्तेहार
महंत नागा बाबा के समय मंदिर का हुआ विकास
ट्रस्ट के सचिव रामाश्रय सिंह ने बताया कि महंत नागा बाबा के समय विकास प्रारंभ हुआ. उसी समय से यहां भीड़ लगना प्रारंभ हुआ. महंत की समाधि लेने के बाद महंत के रूप में मुनी बाबा ने कार्यभार संभाला. मुनि बाबा के समय में भी मंदिर का विकास हुआ. इन दोनों महंतों का समाधि स्थल इसी माता मंदिर के परिसर में है. सबसे पहले नागा बाबा 50 वर्ष पूर्व समाधि लिए. उसके बाद मोनी बाबा 30 साल पहले समाधि ले चुके हैं. इस माता के मंदिर में हिंदू और मुस्लिम दोनों ही समुदाय के लोग पूजा अर्चना करते हैं. इसी माता के परिसर में जीन बाबा का मजार भी है जो आस्था का प्रतीक है.अप्रिय घटना यहां नहीं घटती
यहां हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय के लोग पूजा अर्चना करते हैं और प्रसाद चढ़ाते हैं. जिनकी मन्नत पूरी होती है तो श्रद्धालु मुर्गा चढ़ाते हैं. सबसे बड़ी बात यह है कि मन्नत पूरा होने पर बकरे ओर मुर्गे को पूजा कर दाना खिलाकर लोग ले जाते हैं. इस मंदिर में जीवों की बलि नहीं दी जाती है. मंदिर परिसर से बाहर केवल मुर्गे की बलि दी जाती है. गौरतलब है कि मेला के दौरान एक भी मक्खी सांप, बिच्छू, मधुमक्खी नहीं निकलते हैं. यहां किसी प्रकार की कोई अप्रिय घटना नहीं घटती है. इसे भी पढ़ें :सुप्रीम">https://lagatar.in/supreme-court-reverses-2011-verdict-on-uapa-law-admits-being-a-member-of-a-banned-organization-is-also-a-crime/">सुप्रीमकोर्ट ने UAPA कानून पर पलटा 2011 का फैसला, माना, प्रतिबंधित संगठन का सदस्य होना भी क्राईम
alt="" width="500" height="340" />
मंदिर ट्रस्ट के सचिव रामीशीष सिंह ने कहा- बहुत पहले बना मंदिर
हैदरनगर माता मंदिर ट्रस्ट के सचिव रामाशीष सिंह ने कहा कि इस मंदिर की स्थापना कब हुई इसकी सही जानकारी मेरे पास नहीं है. मेरे पूर्वज भी इसकी मंदिर का स्थापना के संबंध में नहीं बता पाए हैं. मेरे पूर्वजों ने कहा कि इस मंदिर की स्थापना सैकड़ों वर्ष पूर्व की गई है. उन्होंने कहा कि सुखदेव हलवाई नमक व्यक्ति ने सैकड़ों वर्ष पूर्व सिहुली से ईंट लाकर यहां स्थापित किया था. उसी समय से यहां चैत नवरात्र पूजा पाठ प्रारंभ हुआ. पूर्व में ग्राम देवी के रूप में यहां पूजा अर्चना की जाती थी.alt="" width="600" height="400" />
माता में अपारशक्ति है, पूर्ण होती हैं मनोकामनाएं- चंदेश्वर ठाकुर
हैदरनगर माता के मंदिर में बिहार सासाराम सिकरिया के श्रद्धालु चंदेश्वर ठाकुर ने कहा कि मैं यहां 20 वर्षों से आ रहा हूं यहां माता में अपारशक्ति है माता ने मेरी सभी मनोकामनाएं पूर्ण किया है इसलिए मैं पिछले 20 वर्षों से आ रहा हूं और मैं जब तक जीवित रहूंगा तब तक आता रहूंगा.alt="" width="600" height="360" />

Leave a Comment