Search

पलामू : किसानों को दी गयी बीज उपचार की जानकारी

Medininagar : शुष्क भूमि कृषि परियोजना के तहत शुक्रवार को चियांकी स्थित क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र के तत्वावधान में अनुसूचित जाति परियोजना के तहत अंगीकृत गांव लेस्लीगंज के दारूडीह और बकरिया में अरहर के उन्नत बीज का वितरण किया गया. प्रवेश के बीज कृषकों को दिये गये. धान प्रक्षेत्र आईआर- 64, डीआरटी -1 और बीभीडी -203 अच्छा उत्पादन देनेवाले बीज हैं. यह 120 से 125 दिन में तैयार हो जाता है और यह 40 से 45 क्विंटल प्रति हेक्टेयर उपज देता है. कृषि वैज्ञानिक प्रमोद कुमार ने अरहर लगाने की वैज्ञानिक विधि के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि किसान बीज का उपचार कर ही खेती करें. इसे भी पढ़ें-पलामू">https://lagatar.in/palamu-deputy-commissioner-heard-the-problems-gave-instructions-for-application-execution/">पलामू

:  उपायुक्त ने सुनीं समस्याएं,आवेदन निष्पादन के दिये निर्देश उन्होंने बताया कि धान एवं अरहर का प्रति किलोग्राम बीज पर 2 ग्राम कार्बनडाजिम पाउडर को डालकर थोड़ा पानी के साथ समान रूप से इस प्रकार मिलाएं ताकि दवा का लेप सभी बीज में चिपक जाए और यह उपचार धान का बिचड़ा गिराने के 1 दिन पूर्व करें. उन्होंने बताया कि बिचड़ा तैयार होने पर 15 दिनों के बाद उसे श्री विधि के द्वारा पौधों को लगाना है यानी दूसरे पौधा की दूरी 25 सेंटीमीटर हो. इसके इस तरह से लगाने से 40 से प्रति 50 प्रतिशत धान उत्पादन में वृद्धि होती है. अभिषेक पटेल ने अरहर के बीज के उपचार के बारे में बताया. साथ ही अरहर के खेत में घास के निदान के लिए बुवाई के बाद वेंडामि थिलित छह मिली प्रति लीटर पानी में घोल मिलाकर छिड़काव से घास की समस्या नहीं आएगी. मौके पर योजना से जुड़े अजय ठाकुर और मुकेश कुमार ने 50 किसानों के बीच बीजों का वितरण किया. मौके पर बसंत राम, विलास राम, विनोद राम, मीरा राम, नगमा देवी, लाखों देवी, बबीता देवी, रीता देवी मौजूद थी.   [wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp