Palamu : जिले में अवैध ईंट निर्माण और मिट्टी खनन पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू हो गई है. जिला खनन पदाधिकारी ने साफ कर दिया है कि आगामी सत्र में पर्यावरणीय स्वीकृति (EC) और ईंट निर्माण अनुज्ञा के बिना किसी भी ईंट भट्ठे का संचालन नहीं होने दिया जाएगा. नियमों का उल्लंघन करने वाले संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
दरअसल जिला खनन कार्यालय में मंगलवार को सभी ईंट भट्ठा व्यवसायियों के साथ बैठक आयोजित की गई. बैठक में झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण परिषद के क्षेत्रीय पदाधिकारी समीर बड़ाइक, ईंट भट्ठा संचालक और रांची के आरक्यूपी (RQP) भी मौजूद रहे.
बैठक में प्रदूषण नियंत्रण परिषद के क्षेत्रीय पदाधिकारी समीर बड़ाइक ने कहा कि सभी भट्ठा संचालक आवश्यक पर्यावरणीय स्वीकृति और सीटीई/सीटीओ प्राप्त करने के बाद ही संचालन करें. बिना अनुमति संचालन करने पर पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति के रूप में 7,000 प्रतिदिन की दर से जुर्माना वसूला जा सकता है.
बैठक के दौरान व्यवसायियों की समस्याएं भी सुनी गईंं और उनके समाधान का आश्वासन दिया गया. जिला खनन पदाधिकारी ने ईंट निर्माण से संबंधित बकाया राशि का जल्द भुगतान करने का भी निर्देश दिया.
बैठक में बताया गया कि झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण परिषद मुख्यालय ने पलामू के कई ईंट भट्ठा संचालकों को संचालन पर रोक लगाने संबंधी नोटिस जारी किया है. इसी के अनुपालन में आयोजित बैठक में सभी संचालकों को खनन एवं पर्यावरण नियमों की जानकारी देते हुए आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त कर राजस्व जमा करने और पूरी तरह नियमों के अनुरूप ईंट भट्ठों का संचालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया.
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