Medininagar : पलामू जिला मुख्यालय मेदिनीनगर स्थित संत मरियम स्कूल के हॉस्टल के छात्रों से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है. मामला नवाटोली स्थित गंदगी से भरे तालाब के गंदे पानी में स्कूल के बच्चों के कपड़े धोने और फिर तालाब परिसर की गंदगी में ही उन्हें सुखाने से जुड़ा है. स्थानीय लोगों के अनुसार, तालाब के आसपास गंदगी, कीचड़ व दुर्गंध फैली रहती है. प्रतिदिन इसी स्थान पर बच्चों के कपड़े फैलाकर सुखाए जाते हैं. इससे संक्रमण व बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है.
बताया जाता है कि विद्यालय में पढ़ने वाले छात्रों से हॉस्टल व विद्यालय शुल्क के रूप में 9 से 10 हजार रुपए तक वसूले जाते हैं. इसके बावजूद गंदे पानी में कपड़े धुलवाना और अस्वच्छ वातावरण में सुखाना व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है. पहले भी कई बार इसी तालाब में बच्चों के कपड़े धोने और सुखाने को लेकर विवाद हो चुका है. इसके बावजूद स्कूल प्रबंधन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया. जबकि प्रबंधन हॉस्टल में आधुनिक मशीनों से कपड़ों की धुलाई और स्वच्छ व्यवस्था का दावा करता रहा है.
इस मामले में कपड़े धोने वाले बबलू नामक व्यक्ति ने बताया कि बच्चों की संख्या अधिक होने के कारण कपड़े कोयल नदी में धोए जाते हैं और बाद में उन्हें नवाटोली स्थित तालाब परिसर में लाकर सुखाया जाता है. स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने जिला प्रशासन व शिक्षा विभाग से पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है.
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