Palamu : माघ मास के शुक्लपक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पंचमी है. इसको लेकर पलामू जिले में जोर-शोर से तैयारियां चल रही हैं. मूर्तिकार मां सरस्वती की प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में जुटे हैं. खास किस्म की मिट्टी, पाल और अन्य पारंपरिक सामग्री का उपयोग कर आकर्षक प्रतिमाओं का निर्माण किया जा रहा है. वहीं विभिन्न इलाकों में पूजा पंडालों का निर्माण भी तेजी से किया जा रहा है, जिससे माहौल भक्तिमय हो गया है.
35 वर्षों से मूर्तिकला से जुड़े प्रमोद मेहता ने बताया कि उन्होंने स्कूल के दिनों से ही मूर्ति बनाना शुरू किया था. शुरुआती दौर में इस काम से आमदनी कम होती थी, लेकिन अब मेहनत का उचित मूल्य मिलने लगा है, जिससे परिवार का भरण-पोषण सुचारू रूप से हो रहा है. उन्होंने बताया कि उनके यहां 2000 से 8000 रुपये तक की विभिन्न आकार और डिजाइन की प्रतिमाएं उपलब्ध हैं.
वहीं मूर्तिकार प्रदीप मेहता ने बताया कि मूर्ति के आकार के अनुसार उसे तैयार करने में 1 से 3 घंटे तक का समय लगता है. मिट्टी से बनी प्रतिमा को सूखने में दो से तीन दिन का समय लगता है, इसके बाद रंग-रोगन किया जाता है. प्रतिमा को आकर्षक बनाने के लिए आभूषण, वस्त्र और सजावटी सामग्री से श्रृंगार किया जाता है.
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