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पलामू : मोहम्मदगंज भीम बराज पर मरम्मती का कार्य शुरू, कई फाटक में पानी छोड़ने में हो रही थी परेशानी

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Palamu : हुसैनाबाद अनुमंडल के चर्चित मोहम्मदगंज भीम बराज के फाटकों का मरम्मती लगातार एक पखवारा से जारी है. फाटक मरम्मती के लिए लगातार कई टेक्नीशियन लगे हुए है. यह कार्य हैदराबाद के हार्डवेयर एण्ड टूलस नामक कंपनी के कागजात पर बिहार के संवेदक द्वारा कराया जा रहा है. जो बरसात के दिनों में गाटर व मोनोरेल टूट कर पानी में समाहीत हो गया था. जिससे संवेदक को काफी क्षति हुई थी. इसे भी पढ़ें -  छह">https://lagatar.in/your-government-in-six-blocks-your-door/">छह

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गाटर व मोनोरेल लगाने के लिए जेसीबी मशीन का प्रयोग किया जा रहा 

आज के दिनों में कोयल नदी में पानी सूख जाने के कारण कार्य में संवेदक युद्ध स्तर पर हो रहा है. गाटर व मोनोरेल लगाने के लिए जेसीबी मशीन के द्वारा भीम बराज के टेक्नीशियन द्वारा कार्य को पूर्ण करने की दिशा में पहल की जा रही है. भीम बराज पर कार्य कर रहे टेक्नीशियन से हुई वार्ता के दौरान उन्होंने कई बिंदुओं पर चुप्पी साध ली है. उनके द्वारा कुछ भी बताने से परहेज किया जा रहा है. इसे भी पढ़ें - बॉम्बे">https://lagatar.in/petition-filed-against-sameer-wankhede-in-bombay-high-court-pleading-for-dismissal-from-service/">बॉम्बे

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बिहार के लगभग 18000 हेक्टेयर भूमि का पटवन किया जाता है

बता दें कि भीम बराज के माध्यम से बरसात के दिनों में झारखंड के कुछ भाग के अलावा बिहार के लगभग 18000 हेक्टेयर भूमि का पटवन किया जाता है. जबकि झारखंड के पलामू का कुछ ही भाग जो सोन कोयल के निचले भाग में पड़ता है उसी का पटवन होता है. बताते चले की उत्तर कोयल मुख्य नहर में भी मर्मती का कार्य किया जा रहा है. इसे भी पढ़ें - विधायक">https://lagatar.in/mla-ramesh-singh-munda-murder-case-after-prashant-bose-the-investigating-agency-is-looking-for-two-other-most-wanted/">विधायक

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हर ढलाई में दरार होने का मामला उजागर हुआ था

नहर में मर्मती का कार्य घटिया निर्माण होने के कारण कई जगहों पर बरसात से पूर्व ही दरार खुल गई थी. जिसे स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने जमकर विरोध किया था. जिसके बाद जांच की गई. तो नहर मर्मती के कई भागों में नहर ढलाई में दरार होने का मामला उजागर हुआ था. इसके बाद तुरंत ही नहर के कार्य को बंद कराकर उत्तर कोयल मुख्य नहर से किसानों के खेतों तक पानी दिया गया था. इन सभी कार्यों पर उपर बैठे अधिकारी एक बार भी कार्य स्थल का निरीक्षण नहीं करते है. जिससे संवेदक अपने मनमानी कर कार्य को घटिया तरीके से निर्माण कर किसानों को बेवजह परेशान करना उनकी नियती में शामिल है. इसे भी पढ़ें - किरीबुरू">https://lagatar.in/kiriburu-cpi-maoist-releases-poster-calls-for-celebration-of-21st-anniversary-from-2-8-december-2021/">किरीबुरू

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