शिक्षक रांची में वकालत का कर रहे थे काम
बता दें कि सहायक शिक्षक बिनोद प्रजापति पिछले 18 सालों से विद्यालय नहीं गये. जिसकी शिकायत लगातार डीसी को मिल रही थी. जिसके बाद उन्होंने पूरे मामले की जांच करवाई. जांच में पाया गया कि बिनोद प्रजापति 2005 से विद्यालय आये ही नहीं. साथ ही उनके द्वारा रांची में वकालत का काम किये जाने की पुष्टि हुई. जिसके पश्चात डीसी ने सहायक शिक्षक बिनोद प्रजापति को सेवा मुक्त करने का आदेश दिया. इसे भी पढ़ें: धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-poddardih-rani-pond-will-be-beautified-soon-with-dmft-fund/">धनबाद: डीएमएफटी फंड से शीघ्र होगा पोद्दारडीह रानी तालाब का सौंदर्यीकरण [wpse_comments_template]
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