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पलामू : उपायुक्त बदलते ही मनरेगा योजना में अनियमितता करने वालों को कर दिया गया दोष मुक्त

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Ranchi/Palamu: राजनीतिक जोड़तोड़ और प्रशासनिक संरक्षण से मनरेगा योजना में गडबड़ी करने वाले को आरोप मुक्त किया जा रहा है. मामला इतना ही नहीं जिस मुखिया को अनियमितता के आरोप में निलंबित किया जाता है. थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई जाती है. उसी मुखिया एंव अन्य आरोपीयों को जिला के उपायुक्त बदलते ही आरोप मुक्त कर दिया जाता है. मामला पलामू जिला के पाटन प्रखंड का है. जहां पंचायत सुगुना में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण और मनरेगा योजनाओं में अनियमितता की शिकायत के बाद तत्कालीन उपायुक्त शांतनु अग्रहरी के आदेश के बाद जांच कराया जाता है. जांच रिपोर्ट में योजना में अनियमिता की पुष्टी भी होती है. इसके उपंरात दोषियों पर प्रखंड विकास पदाधिकारी पाटन की ओर से प्राथमिकी भी दर्ज करायी जाती है. लेकिन जिला का उपायुक्त बदलते ही वर्तमान उपायुक्त ने पलामू सांसद बीडीराम के पत्र के आलोक में पुन: जांच कराया जाता है. जांच में सभी आरोपियों को दोष मुक्त कर दिया जाता है. इसे भी पढ़ें -पोटका:">https://lagatar.in/potka-got-land-registry-of-lakhs-by-giving-10-thousand-advance-threatening-to-kill-for-demanding-arrears/">पोटका:

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जिस मुखिया को जांच रिपोर्ट में बनाया गया था आरोपी वह सांसद प्रतिनिधि है

मनरेगा योजना के क्रियान्यवयन में अनियमितता का आरोप सुगना मुखिया अखिलेश कुमार पान्डेय पर लगा था. जांच में पुष्टि होने के बाद पाटन थाने में एफआईआर दर्ज कराया गया था. वह मुखिया पलामू सांसद बीडीराम का प्रतिनिधि है. राजनीतिक रसूख के वाले वर्तमान उपायुक्त के निर्देश पर की गई जांच में मुखिया को आरोप मुक्त कर दिया गया.

क्या है पूरा मामला

दरअसल पाटन प्रखंड के पंचायत सुगना में मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण और 14 वें वित आयोग से प्राप्त राशि द्वारा संचालित योजना में अनियमितता की शिकायत मिली थी. जिसपर तत्कालीन उपायुक्त शांतनु अग्रहरी ने निदेशक डीआरडीए पलामू, सहायक अभियंता प्रमोद राम और सुधीर कुमार से संबधित मामले की जांच करायी थी. जांच रिपोर्ट में मनरेगा योजना क्रियान्वयन में अनियमितता की पुष्टि होती है. इसके उपरांत उपायुक्त के निर्देश पर 11 जुलाई 2020 को प्रखंड विकास पदाधिकारी पाटन के द्वारा अखिलेश कुमार पांडे ग्राम पंचायत सुगना मुखिया, जयकृष्ण सिंह पंचायत सचिव सुगना वर्तमान,पारसनाथ तिवारी पंचायत सचिव तत्कालीन,नवीन कुमार पंचायत रोजगार सेवक सुगना तत्कालीन,पंकज सिंह पंचायत रोजगार सेवक सुगना तत्कालीन ,दिनेश राम पंचायत रोजगार सेवक सुगना तत्कालीन के विरुद्ध पाटन थाना में धारा 408 ,409, 420,467, 468,120 बी में दर्ज कराया था.

क्या कहना है थाना प्रभारी पाटन का

प्राथमिकी को लेकर थाना प्रभारी पाटन दीपक कुमार से पूछने पर उन्होंने बताया कि पूर्व उपायुक्त के आदेश पर मनरेगा योजना में अनियमितता को लेकर प्रथामिकी दर्ज करायी गयी थी. इस मामले में अनुसंधान चल रहा है और इसपर वरीय अधिकारी ही कुछ कह सकते हैं.

दोबारा हुई जांच में भी आरोपी हुए दोष मुक्त

उपरोक्त मामले में पलामू सांसद बीडी राम के द्वारा पुन: जांच कराये जाने की मांग की गयी थी. जिस पर वर्तमान उपायुक्त के आदेश पर जांच कराया और सभी आरोपियों को दोष मुक्त कर दिया गया. इसे भी पढ़ें –जज">https://lagatar.in/judge-uttam-anand-case-dhanbad-court-framed-the-charge/">जज

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