Vishrampur/Palamu: बीसीसीएल जन सेवा ट्रस्ट सह ग्रासिम सामाजिक उत्तरदायित्व विभाग एवं कृषि विज्ञान केंद्र, गढ़वा के संयुक्त तत्वावधान में बेलचंपा स्थित व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र में शुक्रवार को पशुओं में होनेवाली बीमारियां एवं उनके उपचार पर एकदिवसीय प्रशिक्षण का आयोजित किया गया. प्रशिक्षण में आसपास के गांव के पहुंचे करीरब 100 पशुपालकों को गढ़वा कृषि विज्ञान केंद्र के पशुधन चिकित्सक डॉ. सुषमा ललिता बाखला ने जानकारी दी. उन्होंने बताया कि पशुआं में आमतौर पर होनेवाली बीमारियों के लक्षण, पहचान और उपचार को जानना चाहिये. पशुओं में होनेवाली मौसमी बीमारी जैसे गलघोंटू, लंगड़ा बुखार, एंथ्रेक्स, खोरहा, चपका, थनैला आदि के उपचार तथा रोकथाम के बारे में विस्तार से बताया गया. इसे भी पढ़ें-पलामू">https://lagatar.in/palamu-information-about-seed-treatment-given-to-farmers/">पलामू
: किसानों को दी गयी बीज उपचार की जानकारी प्रशिक्षणार्थियों के पशुओं से संबंधित सवालों एवं समस्याओं का निवारण भी किया. मानव संसाधन प्रमुख अजीत तिवारी ने कहा कि हमारा देश कृषि प्रधान रहा है और पशुपालन कृषि का अभिन्न अंग है. पशुओं के उत्पाद जैसे दूध, गोबर खाद आदि के साथ साथ उनसे प्राप्त होनेवाले जैविक खाद से फसलों की उत्पादकता में वृद्धि होती है एवं साथ ही खाद पर होनेवाले खर्च को कम करता है. पशुपालन कृषि के साथ साथ किसानों को अतिरिक्त आमदनी का एक बेहतर विकल्प है और उनकी उचित देखभाल कर उन्हें बीमारियों से बचाकर अत्यधिक मुनाफा कर सकते हैं. कार्यक्रम का संचालन सीएसआर के अनिल गिरि ने किया. मौके पर सीएसआर के राकेश तिवारी, सामाजिक कार्यकर्ताओं नागेन्द्र यादव, गोपीनाथ विश्वकर्मा, पप्पू सिंह, सतेन्द्र सिंह, लालती देवी, अनिता देवी, आफताब आलम ,भोला सिंह सहित अन्य पशुपालक एवं पशु टीकाकर्मी भी उपस्थित थे. [wpse_comments_template]
पलामू : पशुपालकों को दिया गया प्रशिक्षण, बीमारियों का इलाज कैसे करें

Leave a Comment