पांडेय गिरोह से अलग बनाया था अपना गैंग
एसपी रीष्मा रमेशन ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि मरने वाले दोनों अपराधी पहले रामगढ़ के पांडेय गिरोह में थे. लेकिन कुछ दिन पहले दोनों गिरोह से अलग हो गये थे और एक अलग गिरोह बनाया था. दोनों ने गिरोह पर हमला भी किया था. एसपी ने कहा कि ऐसा प्रतीत हो रहा है कि आपसी रंजिश में इस घटना को अंजाम दिया गया है. हालांकि पुलिस सभी बिंदुओं की जांच कर रही है. जांच के बाद ही सही कारणों का पचा चल पायेगा. पुलिस ने मौके से कई साक्ष्य जुटाये हैं और आरोपियों की तलाश तेज कर दी है.बर्थडे पार्टी के दौरान दोनों पर हुई गोलीबारी
भरत पांडेय 22 दिसंबर को ही जेल से बाहर निकला था. जानकारी के अनुसार, दीपक साव उर्फ ढोला के बच्चे का जन्मदिन था. इसलिए सभी पलामू के चैनपुर में जमा हुए थे. इसी दौरान उन पर गोलीबारी हुई. पुलिस के अनुसार, दीपक और भरत पर रामगढ़, हजारीबाग और रांची में कई एफआईआर दर्ज है. दीपक कभी भी पुलिस की गिरफ्त में नहीं आया है.दीपक साव का आपराधिक इतिहास
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दीपक साव पर पतरातू में अवैध वसूली और हथियारों से जुड़े मामले में दो केस दर्ज हैं. - पतरातु थाना कांड संख्या 76/23, जो 3 मई 2023 को दर्ज हुआ. दीपक साव पर धारा 386, 387, 34 के साथ भा. द. वि. 27 आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज है.
- पतरातु थाना कांड संख्या 78/23, जो 6 मई 2023 को दर्ज हुआ. दीपक साव पर धारा 25 (1-बी) ए, 26 और 35 तहत केस दर्ज है.
भरत पांडे का अपराधिक इतिहास
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- बड़कागांव थाना कांड सं. – 04/12
- पतरातु थाना कांड सं. – 248/11
- बासल थाना कांड सं. - 09/2018
- बासल थाना कांड सं. - 20/2023
- एसटी नं. – 37/2023
- एसटी नं. - 06/2023
- पतरातु (भुरकुंडा) थाना कांड सं. - 16
- एसटी नं. – 32/2023
- पतरातु थाना कांड सं. - 33/2023
- पतरातु (भदानीनगर) थाना कांड सं.-18
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