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पंचायत चुनाव : फर्जी जाति प्रमाण पत्र पर चुनाव लड़ने का मामला पहुंचा निर्वाचन आयोग

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Ranchi :  भीम मुंडा ने ओरमांझी प्रखंड की ओरमांझी पंचायत से मुखिया प्रत्याशी दीपक बड़ाईक पर फर्जी जाति प्रमाण पत्र के जरिए नामांकन दाखिल करने का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि दीपक सिंह बड़ाईक हैं और सिंह बड़ाईक अनुसूचित जनजाति में नहीं आता है. जबकि ओरमांझी पंचायत सीट अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित है. इस मामले को लेकर भीम मुंडा ने शनिवार को राज्य निर्वाचन आयोग से शिकायत की है. साथ ही खाता 40 के खतियान को आधार बना कर आवेदन दिया है. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/04/vv1-5.jpg"

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2010 में मुखिया का चुनाव जीते दीपक, 2015 में पत्नी मीना देवी चुनाव जीतीं

भीम मुंडा ने अपने आवेदन में कहा है कि दीपक बड़ाईक फर्जी तरीके से अनुसूचित जनजाति (ST)  का प्रमाण पत्र हासिल कर चुनाव लड़ते आ रहे हैं. वर्ष 2010 के पंचायत चुनाव में दीपक बड़ाईक ने फर्जी तरीके से अनुसूचित जनजाति (ST) का प्रमाण पत्र जमा कर चुनाव जीता था. वहीं वर्ष 2015 में दीपक बड़ाईक की पत्नी मीना देवी भी फर्जी तरीके से अनुसूचित जनजाति (ST) का प्रमाण पत्र हासिल कर पंचायत चुनाव लड़ी थी और निर्विरोध जीती थीं. जबकि मीना देवी के मायके नामकुम, रांची की जाति भी सिंह बड़ाईक है, जो सामान्य जाति से आता है. सामान्य जाति से आते हैं. इसलिए दीपक बड़ाईक पिता स्व. चमर सिंह बड़ाईक को अयोग्य करार देकर चुनाव लड़ने से वंचित किया जाये. इसे भी पढ़ें – रांची">https://lagatar.in/state-governments-role-in-the-development-of-ranchi-corporation-area-is-zero-funds-are-negligible-mayor/">रांची

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