- जिला प्रशासन ने पहले जारी किया निर्देश, फिर पत्र जारी कर विलाोपित किया
जिला पंचायती राज पदाधिकारी ने एडिशनल कलेक्टर को लिखा पत्र
रांची जिला पंचायत राज पदाधिकारी वीरेंद्र दूबे ने गुरुवार को इस सिलसिले में अपर समाहर्ता सहित अनुमंडल अधिकारी, बीडीओ, सीओ को पत्र लिखा है. पत्र में कहा गया है कि भारत सरकार द्वारा खरवार भोक्ता, देशवारी, गंझू दौलतमदी, पदबंदी, रावत, मझिया, खेरी, तमाडिया और पुराण जाति को अनुसूचित जनजाति की श्रेणी में शामिल किया है. लेकिन झारखंड सरकार के कार्मिक प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग द्वारा कोई स्पष्ट निर्देश नहीं मिला है. इसके चलते उपायुक्त द्वारा 26 अप्रैल को जारी पत्र को विलोपित करने का निर्देश दिया है.alt="" width="905" height="1280" />
उपायुक्त ने 26 अप्रैल को पत्र जारी किया गया था
बता दें कि जिला निर्वाचन पदाधिकारी (पंचायत) सह उपायुक्त द्वारा 26 अप्रैल को एक पत्र जारी किया गया था. जिसमें कहा गया था कि अगर अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित पदों पर नाम निर्देशन पत्र दाखिल किया जाता है और उसके साथ पहले से निर्गत अनुसूचित जाति का जाति प्रमाण पत्र लगाया जाता है, तो उसे स्वीकार किया जाए. क्योंकि अनुसूचित जाति में शामिल किये गये इन जातियों के लिए जाति प्रमाण पत्र निर्गत करने की प्रक्रिया कार्मिक प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग द्वारा प्रक्रियाधीन है.alt="" width="889" height="1280" />
रांची जिला पंचायती राज पदाधिकारी ने कहा
रांची जिला पंचायती राज पदाधिकारी वीरेंद्र दूबे ने कहा है कि भारत सरकार ने इन जातियों को अनुसूचित जनजाति की श्रेणी में शामिल कर लिया है. लेकिन राज्य सरकार की ओर से कोई स्पष्ट निर्देश नहीं मिला है, जिसके करण इन जातियों के उम्मीदवार एसटी रिजर्व सीट से नामांकन नहीं करा सकते है. यदि नामांकन पत्र दाखिल करते हैं तो स्क्रूटनी में छाटं दिया जाएगा. इसे भी पढ़ें – दुस्साहसः">https://lagatar.in/audacity-the-murder-of-a-young-man-by-stabbing-him-at-a-distance-of-just-500-meters-from-the-sp-and-dsp-residence/">दुस्साहसःSP और DSP आवास से महज 500 मीटर की दूरी पर चाकू गोदकर युवक की हत्या [wpse_comments_template]

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