पूर्वजों के समय से ही पूरा परिवार बना रहा महावीरी झंडा, हिंदू-मुस्लिम का नहीं है कोई भेद Shivshankar Paswan Panki, Palamu: रामनवमी के मद्देनजर पांकी का मुस्लिम समुदाय महावीरी झंडा खूब बनाते हैं. एक माह से दिन-रात महावीरी झंडे बना रहे हैं. कारीगर युनूस खलीफा ने बताया कि महावीरी झंडा तैयार करने में अली हसन, समीम खलीफा, मुस्तकीम खलीफा सहित पूरा परिवार जुटा हुआ है. यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है. झंडा सिलने की शुरुआत मरहूम दोष खलीफा के समय शुरू हुई. उसके बाद पूरा परिवार इस परंपरा को निभाता आ रहा है. उन्होंने कहा कि दो साल पूर्व लॉकडाउन की वजह से हमलोगों के व्यवसाय पर प्रतिकूल असर पड़ा था. परंतु इस वर्ष अयोध्या में रामलला के विराजमान होने से रामनवमी पर्व का उत्साह काफी है. झंडे की डिमांड भी बढ़ गई है. एक मीटर से लेकर चार पांच मीटर तक का झंडा तैयार किया जा रहा है. लगभग बारह हजार महावीरी झंडा तैयार किया गया है. इससे अच्छी कमाई हो जाती है. साथ ही आपसी सौहार्द्र भी बना रहता है. इसे भी पढ़ें-बिहार">https://lagatar.in/voting-on-four-low-seats-in-bihar-on-19th-candidates-put-in-all-their-strength-on-the-last-day-of-campaigning/">बिहार
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मंदिर के सामने ही महावीरी झंडा बनाते हैं युनूस
खलीफा परिवार के लोग पिछले कई दशकों से बाजार शेड में फेरी का दुकान लगाकर महावीरी झंडा तैयार करते हैं. युनूस खलीफा ने बताया कि हम लोगों को आज तक कभी भी हिंदू मुस्लिम में फर्क नहीं दिखाई दिया. सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक मंदिर के सामने ही झंडा तैयार करते हैं. व्यवसाय में भी किसी तरह का कोई भेदभाव नहीं देखने को मिलता है. सामाजिक समरसता आपस में हमेशा की तरह आज भी झलकता है. इसे भी पढ़ें-राहुल">https://lagatar.in/rahuls-real-fight-is-with-congress-and-bjp/">राहुलकी असली लड़ाई कांग्रेस की भाजपा से [wpse_comments_template]
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