Shruti Singh Ranchi : सीबीएसई 10वीं व 12वीं बोर्ड की परीक्षाएं 15 फरवरी से शुरू हो रही हैं. परीक्षा सुबह 10.30 बजे से दोपहर 1.30 बजे तक होगी. प्रैक्टिकल एग्जाम 2 जनवरी से 14 फरवरी तक चलेंगे. 10वीं की परीक्षा 21 मार्च और 12वीं की परीक्षा 5 अप्रैल को समाप्त होगी. इस बार एग्जाम को लेकर अलग माहौल है. जहां बच्चे मॉडल पेपर की तैयारी में लगे हैं, वही शिक्षक उनकी मदद करने में. परीक्षा की तैयारी को लेकर रांची के वीवीपीएस स्कूल की प्रिंसिपल मनीषा तिवारी ने बच्चों के साथ ही पैरेंट्स को भी सलाह दी है. कहा कि ऐसे समय में पैरेंट्स को परीक्षा की तैयारी में लीन बच्चों को ज्यादा टोकना नहीं चाहिए, बल्कि उन्हें सपोर्ट करने की जरूरत है, ताकि वो अच्छा नंबर स्कोर कर सकें.
में जातिगत जनगणना को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से किया इनकार [wpse_comments_template]
सुबह याद की हुई चीजें लंबे समय तक याद रहती हैं
उन्होंने बताया कि परीक्षार्थियों को अर्ली टु राइज एंड अर्ली टु बेड, मेक्स ए मैन हेल्दी, वेल्दी एंड वाइज का फॉर्मूला अपनाना है. कई स्टूडेंट्स कंफ्यूज रहते हैं कि किस समय पढ़ाई करने से चीजें ज्यादा देर तक माइंड में स्टोर रहेंगी. वैसे तो सुबह याद की हुई चीजें लंबे समय तक याद रहती हैं. लेकिन अगर बच्चे रात में पढ़ाई करना पसंद करते हैं, तो उन्हें खुद को इसके लिए तैयार करना होगा. लेकिन रात में ज्यादा से ज्यादा 11.30 बजे तक पढ़ाई करना ही सही होगा. इस समय तक सब कुछ वाइंड अप करने की कोशिश करें. ऐसा न करने पर सुबह उठने में परेशानी हो सकती है. अगले दिन का शेड्यूल बिगड़ सकता है. ज्यादा देर तक पढ़ाई करने से कई बार चीजें माइंड में स्टोर नहीं होती हैं और कंफ्यूजन बढ़ जाता है.लिखने की प्रैक्टिस करते रहने की जरूरत
मनीषा तिवारी ने कहा कि लिखने की प्रैक्टिस करने के जरूरत है. बच्चे को पता होना चाहिए की उसकी लिखने की क्षमता कितनी है. बच्चे रेगुलर प्रैक्टिस करेंगे, तो एग्जामिनेशन हॉल में लिखने में परेशानी नहीं होगी. इसे भी पढ़ें – बिहार">https://lagatar.in/supreme-court-refuses-to-hear-petitions-challenging-caste-census-in-bihar/">बिहारमें जातिगत जनगणना को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से किया इनकार [wpse_comments_template]
Leave a Comment