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संसद की कार्यवाही चार दिन पहले ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

राज्यसभा : हंगामे के कारण 47 घंटे बाधित रहा सत्र
लोकसभा : 16 बैठकों में 44 घंटे से अधिक कामकाज हुआ
New Delhi : लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही सोमवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गयी. संसद की कार्यवाही चार दिन पहले ही स्थगित हो गई है. आज लोकसभा में बिजली आपूर्तिकर्ताओं के वितरण नेटवर्क और ऊर्जा संरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2022 सहित कई महत्वपूर्ण विधेयक पास किए गए.

राज्यसभा में पांच सरकारी विधेयकों को ही पारित किया जा सका

राज्यसभा में मानसून सत्र अपने निर्धारित समय से चार दिन पहले सोमवार को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया गया. इस दौरान विभिन्न विषयों पर विपक्ष के हंगामे के कारण जहां कामकाज के 47 घंटे बाधित रहे. वहीं मात्र पांच सरकारी विधेयकों को ही पारित किया जा सका. उच्च सदन में मानसून सत्र 18 जुलाई को शुरू होने के बाद महंगाई सहित विभिन्न मुद्दों पर विपक्ष के सदस्यों के हंगामे के कारण कामकाज बाधित रहा. सत्र के दौरान सदन में अमर्यादित आचरण के कारण विपक्ष के 23 सदस्यों को निलंबित किया गया. इन सदस्यों को 26, 27 और 28 जुलाई को उस सप्ताह के शेष दिनों के लिए निलंबित किया गया. संसद का मानसून सत्र 18 जुलाई से 12 अगस्त तक चलने का कार्यक्रम था.
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इस सत्र में कुल 16 बैठकें हुईं : वेंकैया नायडू

सत्र को अनिश्चित काल के लिए स्थगित करने से पहले अपने पारंपरिक संबोधन में सभापति एम वेंकैया नायडू ने कहा कि 18 जुलाई को शुरू हुए इस सत्र में कुल 16 बैठकें हुईं. उन्होंने कहा कि इस दौरान 38 घंटे से अधिक काम हुआ किंतु व्यवधान के कारण 47 घंटे कामकाज बाधित रहा. उन्होंने कहा कि सत्र के दौरान नियमित रूप से कामकाज बाधित होता रहा जिससे सदस्यों ने लोक महत्व के अत्यावश्यक विषयों को सदन में उठाने का अवसर गंवा दिया. उन्होंने कहा कि साथ ही सदस्यों द्वारा पूरक प्रश्न पूछकर कार्यपालिका को जवाबदेह बनाने का अवसर भी गंवा दिया गया. सभापति ने कहा कि स्वीकृत किए गए 235 तारांकित प्रश्नों में से मात्र 61 का ही मौखिक रूप से उत्तर दिया जा सका. उन्होंने कहा कि सत्र के दौरान केवल पांच सरकारी विधेयकों को चर्चा कर पारित किया जा सका.

लोकसभा में कार्य उत्पादकता 48 प्रतिशत रही

इस सत्र के दौरान निचले सदन में 16 बैठकों में 44 घंटे से अधिक कामकाज हुआ और कार्य उत्पादकता 48 प्रतिशत रही. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किये जाने से पहले सदन को जानकारी दी कि इस सत्र में सदन में 16 बैठकें हुईं जिनमें 44 घंटे 29 मिनट कामकाज हुआ. मानसून सत्र की कार्यवाही को निर्धारित कार्यक्रम से चार दिन पहले स्थगित कर दिया गया . पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, सत्र 12 अगस्त तक चलना था . लोकसभा सचिवालय के एक वक्तव्य के अनुसार, मॉनसून सत्र में सभा की कार्य उत्पादकता 48 प्रतिशत रही. बिरला ने बताया कि इस सत्र में सदन में छह सरकारी विधेयक पेश किये गये और कुल मिलाकर सात विधेयक पारित किये गये. इनमें जिनमें राष्ट्रीय डोपिंग रोधी विधेयक 2022, वन्यजीव संरक्षण संशोधन विधेयक 2022, केंद्रीय विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2022 और ऊर्जा संरक्षण संशोधन विधेयक 2022 शामिल हैं. लोकसभा अध्यक्ष ने बताया कि सदन में नियम 377 के तहत 318 विषय उठाये गये और शून्यकाल में अविलंबनीय लोक महत्व के 98 मामले उठाये गये. उन्होंने कहा कि संसद की स्थायी समितियों की 41 रिपोर्ट पेश की गयीं और मंत्रियों ने विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर 47 वक्तव्य दिये.
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