Mithilesh Tiwari Patmada: बसंत पंचमी दिन सभी क्षेत्रों में विद्या की देवी मां सरस्वती की पूजा अर्चना उत्साह के साथ होती है. इसमें अब मात्र दो दिन शेष बचे हैं. जिसको लेकर बाजारों में रौनक बढ़ती दिख रही है. कोविड की वजह से पिछले साल शिक्षण संस्थानों के बंद होने के कारण काफी सादगी से पूजा-पाठ हुआ. इस साल कुछ विशेष तरीके से सरस्वती पूजा करने का माहौल देखा जा रहा है. इसे भी पढ़ें: चाकुलिया">https://lagatar.in/chakulia-cashew-trees-started-laden-with-flowers-saving-them-from-fire-is-a-big-challenge-for-the-forest-department/">चाकुलिया
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निर्माण सामग्री की कीमतों में वृद्धि से महंगी हुईं मूर्तियां
पटमदा बाजार में पुरुलिया जिला के बारमुंडी के मूर्तिकार प्रसाद सूत्रकार बताते हैं कि इस वर्ष करीब 100 मूर्ति तैयार किया गया है, जिसमें से 50 मूर्तियों की बुक्रिग भी हो चुकी है. इस दौरान 50 मध्यम आकार की मूर्ति, पांच बड़े आकार और बाकी छोटे आकार की मूर्ति बनाई गई हैं. दो साल कोरोना होने के कारण मूर्ति निर्माण सामग्री की कीमतों में काफी वृद्धि हुई है. इस वजह से साइज के अनुरूप मूर्तियों की कीमत 600 से 7000 रुपये तक रखी गई है.इस बार नहीं बनीं अधिक मूर्तियां
प्रसाद सूत्रकार ने बताया कि झारखंड सरकार ने कोरोना गाइड लाइन में मात्र दो दिन पहले छूट दी है. कोरोना को लेकर प्रतिबंध जारी रहने की आशंका से इस बार अधिक मूर्ति नहीं बनाई गई. ग्रामीण क्षेत्र में दो साल से कोविड के कारण प्रशासन द्वारा कई प्रकार की पाबंदियां लगाई गईं थीं. जिससे पूजा-पाठ काफी सादगी के साथ मनाया जा रहा था. इस बार कुछ चहल पहल रहने की उम्मीद है. इसे भी पढ़ें:टेरर">https://lagatar.in/terror-funding-part-8-learn-how-sonu-agarwal-became-mastermind-terror-funding-by-traveling-from-floor-floor-in-a-short-time/">टेररफंडिंग पार्ट 8: जानें कैसे कम समय में फर्श से अर्श का सफर तय कर सोनू अग्रवाल बना टेरर फंडिंग का मास्टरमाइंड [wpse_comments_template]
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