Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

J&K में विधानसभा चुनाव का रास्ता साफ, SC ने परिसीमन को चुनौती देने वाली याचिका खारिज की

LagatarDesk : जम्मू-कश्मीर में विधानसभा सीटों के परिसीमन को चुनौती देने वाली याचिका पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया. जस्टिस अभय एस ओका की पीठ ने सुनवाई कर केंद्र सरकार के परिसीमन की प्रक्रिया को सही ठहराया. साथ ही कोर्ट ने श्रीनगर के रहने वाले हाजी अब्दुल गनी खान और मोहम्मद अयूब मट्टू की परिसीमन को चुनौती देने वाली याचिका खारिज कर दी. कोर्ट के इस फैसले के बाद जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव का रास्ता साफ हो गया है. (पढ़ें, नहीं">https://lagatar.in/pakistans-famous-actor-zia-mohiuddin-is-no-more-pak-prime-minister-expressed-grief/">नहीं

रहे पाकिस्तान के मशहूर अभिनेता जिया मोहिउद्दीन, पाक प्रधानमंत्री ने जताया शोक)

परिसीमन में विधानसभा क्षेत्रों की सीमा बदली

बता दें कि हाजी अब्दुल गनी खान और मोहम्मद अयूब मट्टू ने जम्मू-कश्मीर में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा था कि विधानसभा सीटों के परिसीमन में सही प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया है. साथ ही परिसीमन में विधानसभा क्षेत्रों की सीमा बदली गयी. उसमें नये इलाकों को शामिल किया गया. सीटों की संख्या 107 से बढ़ाकर 114 कर दी गयी. जिसमें पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर की भी 24 सीटें शामिल हैं. यह जम्मू और कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम की धारा 63 के मुताबिक नहीं है. हालांकि केंद्र सरकार, जम्मू-कश्मीर प्रशासन और चुनाव आयोग ने इस दलील को गलत बताया था. इसे भी पढ़ें : लातेहार">https://lagatar.in/latehar-chamber-of-commerce-submitted-memorandum-to-mla-baidyanath-ram/">लातेहार

चेंबर ऑफ कॉमर्स ने विधायक बैद्यनाथ राम को सौंपा ज्ञापन

जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के पुनर्गठन का मसला कोर्ट में लंबित

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका को लेकर 13 मई 2022 को नोटिस जारी किया था. नोटिस में कोर्ट ने स्पष्ट कर दिया था कि सुनवाई सिर्फ परिसीमन पर होगी. जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटाने से जुड़े मसले पर विचार नहीं किया जायेगा. सुनवाई के दौरान पीठ ने इस पहलू पर विचार नहीं किया. हालांकि कोर्ट ने कहा कि अनुच्छेद 370 के निष्क्रिय होने के बाद जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के पुनर्गठन का मसला उसके पास लंबित है. इसे भी पढ़ें : झारखंड">https://lagatar.in/center-approves-786-59-crores-for-construction-of-11-roads-in-jharkhand/">झारखंड

के 11 सड़क निर्माण के लिए केंद्र ने 786.59 करोड़ की दी मंजूरी

साल 2022 में कोर्ट ने फैसला रखा था सुरक्षित

गौरलतब है कि इससे पहले 1 दिसंबर 2022 को जस्टिस संजय किशन कौल और अभय एस ओका की बेंच ने सुनवाई कर फैसला सुरक्षित रखा था. सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता पक्ष ने दलील दी थी कि जम्मू-कश्मीर में विधानसभा सीटों के परिसीमन के लिए सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज जस्टिस रंजना देसाई की अध्यक्षता में आयोग का गठन संवैधानिक प्रावधानों के हिसाब से सही नहीं है. इसे भी पढ़ें : सेबी">https://lagatar.in/sebi-will-submit-the-investigation-report-of-adani-groups-fpo-to-the-finance-minister/">सेबी

अडानी ग्रुप के एफपीओ की जांच रिपोर्ट वित्त मंत्री को सौंपेगा
[wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही