और पलक एन्जॉय कर रहे मालदीव वेकेशन, बोल्ड अवतार में दिखी एक्ट्रेस
क्या है मामला
हजारीबाग में एनटीपीसी परियोजना के तहत अवैध खनन के आरोपों को लेकर तत्कालीन डीएफओ आर. एन. मिश्रा ने पहले अपनी रिपोर्ट में दोषियों पर कार्रवाई की बात कही थी. बाद में उन्होंने अपनी रिपोर्ट बदलकर दोषियों को बचाने वाली रिपोर्ट भेजी. पीसीसीएफ संजय श्रीवास्तव ने इस विवादित रिपोर्ट का समर्थन किया और राज्य सरकार को गुमराह करने वाली रिपोर्ट प्रस्तुत की.गलत जानकारी देने का आरोप
जमशेदपुर के डीएफओ सबा आलम अंसारी ने विधानसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में आरोपी से ही जानकारी लेकर गलत रिपोर्ट पेश की. बाद में खुद ही अपनी रिपोर्ट को खारिज कर दिया, जिससे मामले में और संदेह उत्पन्न हुआ.पीसीसीएफ पर आरोप
पीसीसीएफ संजय श्रीवास्तव पर राज्य सरकार के पत्रों और निर्देशों को नजरअंदाज करने का आरोप है. राजभवन और मुख्य सचिव के कई निर्देशों के बावजूद उन्होंने मामले में कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया. उनके खिलाफ यह भी आरोप है कि उन्होंने आरोपियों को बचाने और संरक्षण देने के लिए पद का दुरुपयोग किया.भारत सरकार की कार्रवाई
मंटु सोनी की शिकायत के आधार पर भारत सरकार के विजिलेंस डिवीजन ने झारखंड सरकार को पीसीसीएफ पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है. यह निर्देश इसलिए दिया गया क्योंकि पीसीसीएफ ने राज्य सरकार के पत्रों का जवाब नहीं दिया. उन्होंने गलत तरीके से आरोपियों के पक्ष में रिपोर्ट भेजी.आगे की स्थिति
यह मामला झारखंड में प्रशासनिक जवाबदेही और भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई का एक बड़ा उदाहरण बन सकता है. केंद्र सरकार ने राज्य सरकार से स्पष्ट कार्रवाई की मांग की है. लेकिन अब यह देखना होगा कि राज्य सरकार इसपर क्या कदम उठाती है. इसे भी पढ़ें -झारखंड">https://lagatar.in/harkhand-assembly-elections-triangular-conflict-likely-on-five-seats-in-second-phase-jairams-litmus-test/">झारखंडविस चुनाव : दूसरे चरण की पांच सीटों पर त्रिकोणीय संघर्ष के आसार, जयराम की अग्निपरीक्षा [wpse_comments_template]
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