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सदर अस्पताल में पहली बार पीडियाट्रिक सर्जरी, 8 माह के बच्चे को मिली नई जिंदगी

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Ranchi: सदर अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर में पहली बार पीडियाट्रिक सर्जरी यानी बच्चों की सर्जरी को अंजाम दिया गया. करीब एक माह पूर्व सदर अस्पताल प्रबंधन ने दो पीडियाट्रिक सर्जन के साथ एमओयू कर सर्जरी शुरू कराने का भरोसा दिलाया था. पीडियाट्रिक सर्जन डॉ. इमरान ने आठ माह के बच्चे की सर्जरी कर उसे परेशानी से मुक्त किया. मिली जानकारी के अनुसार, आठ माह के बच्चे विनय के पेशाब के रास्ते में परेशानी थी. लिंग की झिल्ली चमड़े में चिपकी हुई थी. इस वजह से बच्चे को पेशाब करने में काफी दिक्कत होती थी. पेशाब करने के दौरान ताकत लगाने पर टपक-टपक कर खून निकलने लगता था. और दर्द के कारण हमेशा बुखार हो जाता था. इसे भी पढ़ें-रिम्स">https://lagatar.in/rims-ultimatum-of-non-gazetted-employees-opd-will-be-disrupted-after-15-days/">रिम्स

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सदर अस्पताल लाए गए बच्चे की जांच कराने के बाद पता चला कि उसका सर्कमसीजन करने के बाद लिंग की झिल्ली को स्कीन से अलग करना होगा. डॉक्टर ने मरीज को देखने के बाद अगले ही दिन यानी मंगलवार को सर्जरी कर झिल्ली को चमड़े से अलग कर दिया. ऑपरेशन के बाद बच्चे को तत्काल परेशानी से निजात मिल गई. और उसे छुट्‌टी भी दे दी गई.

समय पर ऑपरेशन नही होता तो किडनी खराब होने का था खतरा

डॉ. इमरान ने बताया कि बच्चे को इस समस्या से निजात नहीं मिलता तो उसकी किडनी खराब हो सकती थी. क्योंकि पेशाब में ताकत लगाने के कारण बैक प्रेशर से इंफेक्शन का खतरा था. इंफेक्शन सीधे किडनी तक फैल सकता था. उन्होंने बताया कि यूरिन इंफेक्शन के कारण बुखार और हाइजिन की समस्या हो जाती थी. बच्चे के ऑपरेशन के लिए डॉ. इमरान अपने साथ खुद के उपकरण लेकर सदर अस्पताल पहुंचे थे. इसे भी पढ़ें-जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-xpgdm-organizes-clockspeed-2-0-at-xlri/">जमशेदपुर

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