Pirtand(Giridih): पुत कपुत भले हो जाए पर मात न होती कुमाता, यह उक्ती वर्तमान दौर में झूठी साबित होने लगी है. जिसका उदाहरण देखने को मिला पीरटांड प्रखंड स्थित चिरकी हटिया मैदान में जहां 8 मई को एक नवजात शिशु मिला है. अनुमान लगाया जा रहा है कि किसी ने नवजात को छोड़ कर फरार हो गया. शिशु की रोने की आवाज से ग्रामीणों ने छानबीन शुरू की. बच्चा को देखते ही जितनी मुंह उतनी बात शुरू हो गई. ग्रामीणों ने इसकी जानकारी पीरटांड स्वास्थ्य विभाग को दी. एएनएम सोहगी कुमारी व चमेली देवी ने मौके पर पहुंच नवजात को प्राथमिक उपचार के लिए पीरटांड़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेते गए. एएनएम सोहगी कुमारी ने बताया कि नवजात शिशु के नाभि में बंधा धागा भी अभी तक नहीं खुला है. शिशु कुछ ही घंटे पहले हुआ है उसे प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए गिरिडीह के चैताडीह शिशु हॉस्पिटल भेज दिया गया. हालत बिगडता देख नवजात को गिरिडीह से धनबाद भेजा गया है. यह">https://lagatar.in/wp-admin/post.php?post=630715&action=edit">यह
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