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धनबाद के भोले भाले युवाओं को जाल में फांस रहे साइबर अपराध से जुड़े लोग

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Dhanbad: धनबाद ( Dhanbad) साइबर अपराध के मामले में अभी तक पूरे देश में झारखंड का जामताड़ा जिला ही मशहूर था. लेकिन अब धनबाद के युवाओं को भी साइबर अपराध से जोड़ा जा रहा है. शहर के चिरागोड़ा में रिश्तेदार के घर रहने वाले 22 वर्षीय अमोद कुमार को वारणसी के साइबर क्राइम थाना ने नोटिस भेजा है. नोटिस में सात दिन के अंदर थाने में उपस्थित नहीं होने पर संवैधानिक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है. घर में नोटिस आने के बाद पूरा परिवार परेशान है. परिवार के सदस्यों का कहना है कि वे मेहनत मजदूरी करने वाले लोग हैं. जिस लड़के पर आरोप है, वह तो ठीक से पढ़ना लिखना भी नहीं जानता, फोन पर किसी से पैसा कैसे ऐंठ सकता है. उसे किसी साजिश के तहत फंसाया गया है.

क्या है मामला

अमोद ने लगातार से बातचीत के दौरान बताया कि वह कुछ साल पहले अपने दोनों पैर का इलाज कराने बिहार से धनबाद रिश्तेदार के घर आया था. उसके दोनों पैर सूख रहे थे और टेढे होते जा रहे थे. इलाज शुरू हुआ तो खर्च बढ़ गया, पैसे नहीं थे तो यहीं पर मजदूरी करने लगा. इसी दौरान कुछ लड़कों से मुलाकात हुई. धीरे धीरे उनके साथ दोस्ती बढ़ गई. विश्वास में लेकर उन्हीं लड़कों ने उसे फंसाने का काम किया है.

   बैंक खाते का करते थे गलत इस्तेमाल

अमोद ने बताया कि गोलू नामक लड़के से  दोस्ती बढ़ने के बाद उसने कहा कि यार मेरी उम्र 17 साल है. बैंक में अपना खाता नहीं खोलवा सकता हूं. तुम अपने नाम पर खाता खुलवा लो.  इलाज के लिये एक आदमी से पैसा मंगवाना है, बहुत जरूरी है, मदद कर दो, उसकी बातों में आकर अपने नाम से बैंक में खाता खुलवाया. उसके बाद गोलू ने मेरा एटीएम अपने पास रख लिया और उसका गलत इस्तेमाल करने लगा. कुछ दिन बाद मेरा मोबाइल भी चुरा लिया, ताकि मुझे पता नहीं चल सके कि मेरे खाते में क्या हो रहा है.

 पासबुक अपडेट कराने गए तो उड़ गए होश

अमोद ने बताया कि काफी दिनों बाद जब गोलू ने एटीएम नहीं दिया तो बैंक पहुंचा. अपने खाते को अपडेट कराया तो पता चला अलग अलग बैंक खातों से उसके खाते में पैसे ट्रांसफर किये गए हैं. इसके तुरंत बाद धनबाद, जामताड़ा और दुमका से पैसे निकाल भी लिए गए हैं. वह डर से गांव चला गया. पिछले महीने ही गांव से धनबाद, अपने रिश्तेदार के घर शादी में आया है. यहां आने के 25 दिन बाद वारणसी से नोटिस आया है. जिस लड़के ने मुझे फंसाया उसका कोई अता-पता नहीं है. वह जल्दी किसी को विश्वास में ले लेता था, अभी तक मेरे जैसे कई भोले भाले लोगों को वह फंसा चुका होगा.

  ऐसे लोगों से बचने की जरूरत

लीगल एक्सपर्ट अनूप सिन्हा  का कहना है कि साइबर अपराधी, भोले भाले लोगों को विश्वास में लेकर ठगी का  पैसा  उनके खाते में ट्रान्सफर करते हैं. यह कोई नई बात नहीं है. ऐसे लोगों से बचने की जरूरत है. जो लोग साइबर अपराधियों का शिकार बनते हैं, उन्हें पुलिस के पास जाना चाहिए और सच बताना चाहिए, पुलिस उनकी मदद जरूर करेगी. यह भी पढ़ें: धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-207-people-donated-blood-in-aimra-camp/">धनबाद

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