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हिंदपीढ़ी के लोगों को कोरोना ज्यादा चिकनगुनिया से लगता है डर

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Ranchi: कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर को लेकर हेल्थ एक्सपर्ट तरह-तरह की आशंका जाहिर कर रहे हैं. लोगों में कोरोना की तीसरी लहर को लेकर डर है लेकिन राजधानी के हिंदपीढ़ी के लोग तीसरी लहर से कम और चिकनगुनिया से ज्यादा डरते हैं. वजह है 2018 में जब लोग कोरोना का नाम तक नहीं जानते थे उस वक्त इलाके में चिकनगुनिया ने इलाके में पांव पसार दिया था. यहां के नाला रोड, ग्वाला टोली, नूर नगर, लाह फैक्ट्री रोड में मरीजों की संख्या बढ़ गयी थी. आलम यह था कि हर घर में बीमारी से ग्रसित लोग मिल रहे थे. न सिर्फ चिकनगुनिया बल्कि डेंगू भी इलाके के लोगों के लिए घातक साबित हो गया था. मरीजों की संख्या सैकड़ों में थी. पूरे हिंदपीढ़ी में स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी किया था. नगर निगम के साथ सामंजस्य स्थापित कर साफ-सफाई, मेडिकल चेकअप कैंप और दवा का छिड़काव किया गया था. लेकिन वक्त बीत जाने के बाद यहां के लोगों के स्वास्थ्य के प्रति विभाग का रवैया उदासीन हो गया है.

अब तक स्वास्थ्य विभाग से नहीं मिला कोई सहयोग

हिंदपीढ़ी वार्ड संख्या 22 के पार्षद प्रतिनिधि और पूर्व पार्षद मोहम्मद असलम ने कहा कि यहां के लोगों को कोरोना की तीसरी लहर से कम और चिकनगुनिया से ज्यादा डर लगता है. बीते सालों के मंजर को याद करते हुए असलम कहते हैं कि इस पूरे इलाके में चिकनगुनिया-डेंगू ने पांव पसार दिया था. इसे भी पढ़ें-गांवों">https://lagatar.in/information-about-modern-technology-in-the-seminar-organized-on-sustainable-road-construction-in-villages/144140/">गांवों

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मरीजों की संख्या सैकड़ों में थी. उस वक्त स्वास्थ्य विभाग ने अलर्ट जारी करते हुए मेडिकल चेकअप कैम्प लगा कर दवा का वितरण किया था, लेकिन इस साल स्वास्थ्य विभाग की नींद नहीं खुली है. उन्होंने कहा कि अब तक अमन युथ सोसाइटी और नगर निगम ने इलाके की साफ-सफाई की है. लेकिन यहां स्वास्थ्य विभाग के द्वारा अब तक न तो मेडिकल कैम्प लगाया गया है और ना ही है दवा का वितरण हुआ है. असलम कहते हैं कि जल्द ही इस विषय को लेकर स्वास्थ्य विभाग को पत्राचार करेंगे ताकि विभाग की नींद खुल सके.

फाइलेरिया कार्यक्रम में व्यस्त है टीम, जल्द होगी जांच

रांची के सिविल सर्जन डॉ विनोद कुमार ने कहा कि अभी फाइलेरिया का कार्यक्रम चल रहा है. जिस कारण जांच टीम थोड़ी व्यस्त है. जल्द ही टीम को शहर के विभिन्न मोहल्लों में भेजा जाएगा. उन्होंने कहा कि हमारी टीम सर्वेक्षण के दौरान जहां भी मच्छर के लारवा को देखती है रसायन देकर नष्ट कर देती है. सिविल सर्जन ने कहा कि चिकनगुनिया और डेंगू की समस्या शहरों में अधिक होती है क्योंकि यहां जलजमाव की समस्या है.

एडिस मच्छर के काटने से फैलता है डेंगू

डेंगू बुखार डेंगू नाम के वायरस की वजह से होता है, जो एडिस (Aedes mosquito) नाम के मच्छर के काटने से शरीर में फैलता है. एडिस नाम का ये मच्छर इंसान पर दिन के वक्त हमला करता है. इसके बचाव के लिए पूरे बाजू को ढंकने वाला कपड़ा पहनने की जरूरत है. साथ ही साफ पानी के जमाव को भी रोकना जरूरी है. इसे भी पढ़ें-तिलैया">https://lagatar.in/married-man-was-openly-fighting-love-with-married-neighbor-in-tilaiya-dam-people-handed-over-to-police/144168/">तिलैया

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