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परमिट का फेरा… और बढ़ गयी वाहन मालिकों की परेशानी, पढ़े पूरी खबर अपने प्रिय अखबार शुभम संदेश में
Ranchi : पिछले तीन माह से रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (आरटीए) और स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (एसटीए) की बैठक न होने से वाहन चलाने वालों की परेशानी बढ़ गयी है. इस समय राज्यभर में करीब 400 से अधिक बसें बिना परमिट की चल रही हैं. अनुमान के अनुसार, राजधानी से राज्य के दूसरे हिस्सों के लिए सैकड़ों बसें रोजाना चलती हैं. ये बसें अभी बिना परमिट के चल रही है. इसकी वजह यह है कि रांची, पलामू, हजारीबाग, दुमका और सरायकेला में आरटीए हैं और सभी में दो-दो सदस्यों (10) का मनोनयन होना है. इसके अलावा एसटीए में भी दो सदस्यों का मनोनयन होना है. आरटीए-एसटीए की बैठक में विभागीय अफसरों के साथ बस एसोसिएशन के पदाधिकारी भी भाग लेते हैं, लेकिन आरटीए की बैठकें न होने से बसें बिना परमिट के चल रही हैं. कुछ बसे राज्य के बाहर भी चलती हैं. ऐसे में बिना परमिट के बसों का चलना जोखिमभरा है. इस स्थिति में राज्य सरकार को राजस्व का घाटा हो ही रहा है. वाहन मालिक भी बिना परमिट के वाहन चलाना नहीं चाहते हैं. वे भी चाहते हैं कि बैठकें जल्द हों और परमिट बनने का काम शुरू हो. इस संबंध में राज्यभर से जो रिपोर्ट आयी है उसके अनुसार वाहन मालिक चाहते हैं कि आरटीए और एसटीए की बैठकें जल्द हो ताकि उन्हें राहत मिल सके. इस संबंध में पेश है राज्यभर से आयी शुभम संदेश की रिपोर्ट.
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