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पेसा कानून झारखंड के परंपरागत सामाजिक व्यवस्था पर आघात- राजेंद्र प्रसाद

Ranchi: हाल के दिनों में पेसा कानून को लेकर जो मसौदा ड्राफ्ट तैयार किया गया है इसको लेकर मूलवासी सदान मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद ने कड़ी आपत्ति जताई है मोर्चा अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद ने कहा कि सरकार के द्वारा लाए गए जनजातियों हितों के लिए  बनाए जाने वाले कानून का मूलवासी सदान मोर्चा विरोधी नहीं है,लेकिन भारतीय संविधान के द्वारा प्रदत मौलिक अधिकारों का हनन होने पर मूलवासी सदान मोर्चा प्रबल विरोध करेगा. राजेन्द्र प्रसाद ने कहा कि 65% मूलवासी सदान जो हजारों वर्षों से झारखंड में निवास करते आ रहे हैं. उनकी सदा से हर पार्टी, हर सरकार उपेक्षा करते रही है. उन्होंने कहा कि इतिहास में बहुसंख्यक की इस तरह की उपेक्षा कोई उदाहरण नहीं मिलता है. कहा मूलवासी सदान मोर्चा स्थापना काल से ही सभी झारखंड वासियों के अधिकार एवं हितों की रक्षा के लिए संघर्ष करते रही है. किन्तु मूलवासी सदान मोर्चा सदानों की हितों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं करेगा. उन्होंने सरकार से मूलवासी सदान नीति बनाने की मांग की है. इसे पढ़ें- आदर्श">https://lagatar.in/real-priesthood-is-to-dedicate-ones-life-like-the-ideal-priest-lord-jesus-archbishop/">आदर्श

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महाधिवक्ता के राय के बाद विधि विभाग ने पेसा के प्रारूप पर सहमति दी है इस मसौदा से मूलवासी सदान उपेक्षित एवं अपने अधिकारों से वंचित रह जाएंगे. मसौदा के अनुसार झारखंड के वनोत्पादों निजी वृक्षों एवं अन्य औषधिय उत्पादों पर सिर्फ जनजातियों का अधिकार होना,दुर्भाग्यपूर्ण एवं मूलवासी सदान विरोधी है. झारखंड के सामाजिक व्यवस्था में मूलवासी सदानों अल्पसंख्यकों एवं जनजातियों के बीच एक परंपरागत सम्न्वय पारस्परिक सहयोग हमेशा से रहा है लेकिन नये कानून से सदानों की उपेक्षा एवं राजनीतिक ध्रुवीकरण के तहत झारखंड के पारंपरिक सामाजिक व्यवस्था पर एक गहरा चोट है. उन्होंने कहा कि मूलवासी सदान झारखंड के सबसे पुराना वाशिंदे हैं और सदानों ने भी जंगल बचाने और तरह-तरह की वृक्ष जंगलों एवं अपने अपने जमीनों में लगाया है जिसमें अनेक तरह के वृक्ष हैं जैसे महुआ, कुसुम करंज  इत्यादि ऐसे में सिर्फ जनजातियों का अधिकार मिलेगा तो सदानों का क्या होगा. उन्होंने सरकार से इस पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया है. इसे भी पढ़ें- जनसमस्याओं">https://lagatar.in/quick-solution-to-public-problems-will-be-my-priority-yashaswini/">जनसमस्याओं

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