Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

बॉम्बे हाईकोर्ट में समीर वानखेड़े के खिलाफ याचिका दायर, सेवा से बर्खास्त करने की गुहार

Advertisement
Advertisement
Mumbai :  मुंबई के जोनल डायरेक्टर (एनसीबी) समीर वानखेड़े को बर्खास्त किये जाने की मांग को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गयी है. शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान के बेल ऑर्डर सामने आने से एक तरफ जहां क्रूज ड्रग्स केस की एनसीबी (नारकोटिक कंट्रोल ब्यूरो) की थ्योरी को झटका लगा है, वहीं मुंबई के जोनल डायरेक्टर समीर वानखेड़े की मुश्किलें भी कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. उन्हें बर्खास्त किये जाने की मांग हो रही है. इसे भी पढ़ें : राजस्थान">https://lagatar.in/rajasthan-governor-kalraj-mishra-said-if-needed-agricultural-law-can-be-brought-again/">राजस्थान

के राज्यपाल कलराज मिश्र ने कहा- जरूरत पड़ी तो दोबारा लाया जा सकता है कृषि कानून

समीर वानखेड़े ने मुस्लिम होने की बात छिपाकर  नौकरी पायी 

खबर है कि बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर याचिका में कहा गया है कि समीर वानखेड़े ने भारतीय राजस्व सेवा (IRS) में शामिल होने के दौरान अपनी जाति और धर्म का खुलासा नहीं किया था. इसलिए समीर को बर्खास्त किया जाये. जानकारी के अनुसार समाजसेवी अशोक महादेव कांबले ने वकील नितिन सतपुते के माध्यम से याचिका दायर की है. याचिका में कहा गया है कि समीर वानखेड़े ने मुस्लिम होने की बात छिपाकर सिविल सर्विस में नौकरी पायी  थी. उन्होंने बताया कि इस मामले को देख रही जांच समिति से भी वह शिकायत कर चुके हैं. इसे भी पढ़ें : सुबह">https://lagatar.in/morning-news-diary-21-november-2021/">सुबह

की न्यूज डायरी।।21 नवंबर।।शिक्षा से मिटेगा अंधविश्वास-CM।।पंचायती राज में टेंडर बाध्यता।।कांग्रेस का ‘किसान विजय दिवस’।।गहलोत सरकार,सभी मंत्रियों का इस्तीफा।।समेत कई खबरें और वीडियो

संविधान वानखेड़े को सेवा जारी रखने की अनुमति नहीं देता 

महादेव कांबले ने याचिका में कहा कि 1993 में समीर वानखेड़े के पिता का नाम दाऊद से बदलकर ध्यानदेव वानखेड़े करने की घोषणा की गयी थी, लेकिन वानखेड़े के धर्म में कोई बदलाव नहीं हुआ. याचिका में दावा किया गया है कि यह अनुसूचित जाति के स्टूडेंट कोटे से कॉलेज में प्रवेश दिलाने के लिए किया गया था. याचिका के अनुसार समीर वानखेड़े द्वारा बतौर लोक सेवक झूठी जानकारी दी गयी है. इसलिए उन्हें बर्खास्त किया जाना चाहिए. कांबले ने दावा किया कि संविधान वानखेड़े को अपनी सेवा जारी रखने की अनुमति नहीं देता है. [wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही