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बीरभूम हिंसा को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका, SIT गठन की मांग, कोलकाता हाईकोर्ट आज आदेश जारी कर सकता है

NewDelhi : पश्चिम बंगाल के बीरभूम में हुई हिंसा को लेकर सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गयी है. याचिका हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता ने दाखिल की है. याचिका में मांग की गयी है कि सुप्रीम कोर्ट के रिटायर जज की अध्यक्षता में SIT गठन कर या फिर सीबीआई से जांच की जाये. बता दें कि रामपुरहाट में टीएमसी नेता की हत्या के बाद हिंसा भड़क गयी थी. यहां कई घरों में आग लगा दी गयी थी. आग से जलकर 2 बच्चों समेत 8 लोगों की मौत हो गयी थी. इसमें 3 महिलाएं भी शामिल थीं. खबर है कि इस मामले में अब तक 20 लोगों की गिरफ्तारी हुई है.

कोलकाता हाईकोर्ट ने[wpdiscuz-feedback id="9mm51xcopb" question="Please leave a feedback on this" opened="1"][/wpdiscuz-feedback] स्वत: संज्ञान लिया

बीरभूम हिंसा को लेकर कोलकाता हाईकोर्ट ने भी स्वत: संज्ञान लेते हुए सुनवाई की थी. कोर्ट इस मामले में आज अपना आदेश जारी कर सकता है कि क्या मामले को जांच के लिए सीबीआई या एनआईए को ट्रांसफर किया जाये या नहीं? सबूतों से छेड़छाड़ न हो इसलिए हाईकोर्ट के आदेश के बाद रामपुरहाट के बागतुई गांव में सीसीटीवी कैमरे लगाये गये हैं. हिंसा के खिलाफ दलीलें पेश कर रहे अधिवक्ता ने अदालत से कहा था कि पुलिस मामले के सबूत मिटा रही है.

ममता ने हिंसाग्रस्त क्षेत्र का दौरा किया

जान लें कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को हिंसाग्रस्त बागतुई गांव का दौरा किया. उन्होंने कहा, `पुलिस रामपुरहाट हिंसा के आरोपियों की तलाश करे और उन्हें गिरफ्तार करे. साथ ही दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा सुनिश्चित हो. ममता बनर्जी ने सभी मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए, जिन घरों को नुकसान पहुंचा है उनके निर्माण के लिए 2-2 लाख रुपए और घायलों को 50-50 हजार रुपए की आर्थिक मदद देने की भी घोषणा की है. फॉरेंसिक रिपोर्ट में चौंकाने वाला दावा पश्चिम बंगाल में बीरभूम में हिंसा के मामले में फॉरेंसिक रिपोर्ट में चौंकाने वाला दावा किया गया है. रिपोर्ट के मुताबिक, मृतकों को जिंदा जलाने से पहले बुरी तरह से पीटा गया था. [wpse_comments_template]

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