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पितृ पक्ष : हिंदू समुदाय के लोगों ने देश भर में नदियों-जलाशयों में पूर्वजों के लिए तर्पण किया

New Delhi :  पितृ पक्ष की अमावस्या पर देश भर में  लाखों लोगों ने अपने पूर्वजों के लिए तर्पण किया. आज का दिन महालय का दिन भी है. कल से दुर्गा पूजा शुरू हो जायेगी. प बंगाल में  इस विशेष दिन पर आज हिंदू समुदाय के लोग हुगली सहित राज्य की अन्य नदियों एवं जलाशयों के तटों पर पहुंचे और अपने पूर्वजों के लिए तर्पण किया. आज दिन की शुरुआत आकाशवाणी पर सुबह महिषासुर मर्दिनी (देवी दुर्गा को समर्पित श्लोकों और गीतों के संग्रह) के प्रसारण से हुई.  नेशनल">https://lagatar.in/category/desh-videsh/">नेशनल

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महिषासुर मर्दिनी का पहली बार सीधा प्रसारण 1930 के दशक में हुआ

महिषासुर मर्दिनी का पहली बार सीधा प्रसारण 1930 के दशक की शुरुआत में आकाशवाणी पर किया गया था. तब से इसका प्रसारण महालय की सुबह करने का चलन शुरू हो गया. अधिकारियों ने बताया कि किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस ने हुगली के विभिन्न घाटों पर कड़ी निगरानी रखी. अधिकारियों ने बताया कि कोलकाता के जिन 18 घाटों पर श्रद्धालुओं ने तर्पण किया, वहां सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किये गये थे.

शुभेंदु अधिकारी ने शोभायात्रा का नेतृत्व किया

राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने आज सुबह पूर्वी मेदिनीपुर जिले स्थित अपने गृहनगर कांथी में एक शोभायात्रा का नेतृत्व किया. महालय के मौके पर कांग्रेस ने भी शुभकामनाएं दी. कांग्रेस ने सोशल मीडिया मंच एक्स`पर लिखा, मां दुर्गा आप सभी को शांति और समृद्धि का आशार्वाद दें और हमारे जीवन में प्रेम और सद्भाव आये. जान लें कि दुर्गा पूजा की शुरुआत 20 अक्टूबर (षष्ठी) से होगी और इसका समापन 24 अक्टूबर, दशमी को होगी.

रामेश्‍वरम में अग्नि तीर्थम तट पर  पितृ कर्म पूजा की गयी

तमिलनाडु, असम सहित देश के कई राज्यों में नदी घाटों में अपने पूर्वजों को याद करते हुए तर्पण किया. महालया अमावस्या के अवसर पर बड़ी संख्या में लोगों ने मोहनूर में कावेरी नदी के तट पर अपने पूर्वजों के लिए प्रार्थना की. हजारों श्रद्धालुओं ने रामेश्‍वरम में अग्नि तीर्थम तट पर अपने मृत पूर्वजों की शांति के लिए पितृ कर्म पूजा की. गुवाहाटी में ब्रह्मपुत्र नदी के तट पर प्रार्थना की गयी. असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने पितृ पक्ष के आखिरी दिन हरिद्वार, उत्तराखंड स्थित नारायणी शिला मंदिर में पूजा की. [wpse_comments_template]

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