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गया में पितृपक्ष मेला शुरू, अब फल्गु नदी में रहेगा पानी-ही-पानी

Gaya : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को गया में फल्गु नदी पर बने देश के सबसे बड़े रबर डैम और स्टील ब्रिज का लोकार्पण किया. साथ ही पितृपक्ष मेला महासंगम 2022 का भी उद्घाटन किया. इस दौरान उपमुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव भी मौजूद रहे. स्टील ब्रिज के माध्यम से लोग विष्णुपद से गया जी डैम होकर सीताकुंड जा सकेंगे.

रबर डैम का नाम गयाजी डैम

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ही रबर डैम का नाम गयाजी डैम रखा है. 312 करोड़ की लागत से 411 मीटर लंबे इस गयाजी डैम के पास तीन से चार फीट पानी उपलब्ध रहेगा. 22 सितंबर 2020 को नीतीश कुमार ने ही इसका शिलान्यास किया था. इसे अक्टूबर 2023 में पूरा किया जाने का लक्ष्य था. लेकिन बाद में मुख्यमंत्री ने 2022 के पितृपक्ष से पहले इसे पूरा करने का निर्देश दिया. इस साल नौ से 25 सितंबर तक पितृपक्ष चलेगा.
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अधिक संख्या में तीर्थयात्री आने का अनुमान

इस संबंध में डीएम डॉ. त्यागराजन एसएम ने बताया कि पितृपक्ष मेला पिछले दो साल के बाद आयोजित किया जा रहा है. इस साल पितृपक्ष मेला में पिछले सालों की तुलना में अधिक संख्या में तीर्थयात्री आने का अनुमान है. इसे ध्यान में रखते हुए जिला और पुलिस प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली है.

भारत का सबसे लंबा रबर डैम

डीएम डॉ. त्यागराजन ने बताया फल्गु नदी में पानी नहीं रहने के कारण पिंडदान करने वालों को तर्पण देने में काफी कठिनाइयां होती थी. मुख्यमंत्री के निर्देश पर फल्गु नदी के तट पर विष्णुपद मंदिर के नजदीक सालों भर जल उपलब्ध कराने के लिए गयाजी डैम का निर्माण कराया गया है. विष्णुपद मंदिर के निकट फल्गु नदी के सतही प्रवाह को रोकने के लिए 3 मीटर ऊंचा और 411 मीटर की लंबाई में भारत का सबसे लंबा रबर डैम का निर्माण करवाया गया है, जिसमें 65-65 मीटर लंबाई के छह स्पैन हैं. इसके रबर ट्यूब में आधुनिक स्वचालित विधि से हवा भरी और निकाली जा सकती है, जिसके कारण फल्गु नदी के जल के प्रवाह एवं भंडारण को प्रभावी रूप से संचालित किया जा सकेगा.

सीताकुंड तक पहुंचने के लिए पैदल पथ भी

इसके साथ ही श्रद्धालुओं के विष्णुपद घाट से सीताकुंड तक पिंडदान हेतु जाने के लिए रबड़ डैम के ऊपर 411 मीटर लंबा स्टील पैदल पुल का भी निर्माण किया गया है. इसके अलावा स्टील पैदल पुल से उतरकर सीताकुंड तक पहुंचने के लिए पैदल पथ भी तैयार किया गया है. साथ ही श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पुराने घाट की चौड़ाई को बढ़ाते हुए टाइल्स लगे हुए कंक्रीट घाट का निर्माण कराया गया है. श्रद्धालुओं द्वारा पिंडदान के समय उपयोग किए जा रहे नदी के पानी की स्वच्छता बनाए रखने के लिए बाएं तट पर 752 मीटर की लंबाई में भूमिगत मनसरवा नाला का भी निर्माण किया गया है.

सुरक्षा के पूरे इंतजाम

इससे पहले डीएम ने अधिकारियों के साथ एसडीआरएफ के नाव के माध्यम से फल्गु नदी, सीताकुंड सहित अन्य स्थानों का जायजा लिया और जरूरी निर्देश संबंधित पदाधिकारी को दिए. पितृपक्ष मेला को लेकर पूरे मेला क्षेत्र में सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं. तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को लेकर करीब साढ़े चार हजार पुलिसकर्मियों को लगाया गया है.
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