Ranchi : हेमंत सोरेन सरकार द्वारा बनायी गयी नियोजन नीति को पिछले दिनों झारखंड हाईकोर्ट ने निरस्त कर दिया था. इससे झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (जेएसएससी) द्वारा ली जाने वाले कई नियुक्ति विज्ञापन रद्द हो गये थे. हाईकोर्ट के फैसले के 18 दिन बाद भी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हाईकोर्ट के फैसले पर राज्य सरकार का स्टैंड क्या होगा. इस बीच जानकारी मिली है कि दुमका से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन नियोजन नीति को लेकर सरकार का स्टैंड क्लियर कर सकते हैं. 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस समारोह के मौके पर मुख्यमंत्री दुमका में रहेंगे और वहां होने वाले झंडोत्तोलन कार्यक्रम में शरीक होंगे. राज्य की जनता के नाम संबोधन में ही मुख्यमंत्री नियोजन नीति को लेकर सरकार की बात कहेंगे.
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क्या हो सकता है नियोजन नीति पर सरकार का स्टैंड
निरस्त नियोजन नीति को लेकर अगर राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट का रुख करती है, तो नियुक्ति प्रक्रिया में और समय लगेगा. साल 2024 में लोकसभा और विधानसभा चुनाव दोनों है. ज्यादा संभावना यही है कि सरकार अपनी नियोजन नीति में बदलाव करेगी. यह बदलाव दो तरह का हो सकता है. पहला – झारखंड में स्थित शैक्षणिक संस्थान से 10वीं और 12वीं की पढ़ाई की बाध्यता हटायी जा सकती है. दूसरा – परीक्षा के क्वालिफाइंग पेपर वन जिसमें हिंदी और अंग्रेजी विषय होता है, उसमें क्षेत्रीय और जनजातीय विषय को भी जोड़ा जा सकता है. इसे भी पढ़ें – ओपन">https://lagatar.in/out-of-syllabus-questions-asked-in-open-elective-exam-demand-for-cancellation-of-exam/">ओपनइलेक्टिव की परीक्षा में पूछे गए आउट ऑफ सिलेबस सवाल, परीक्षा रद्द करने की मांग [wpse_comments_template]
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